सुप्रीम कोर्ट में 3 नए जज की नियुक्ति, अब 37 जज करेंगे काम
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न्यायिक नियुक्तियाँ और कॉलेजियम सिस्टम: न्यायपालिका की स्वतंत्रता से संबंधित एक महत्वपूर्ण GS2 विषय।
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति की है, जिससे इसकी कार्य क्षमता (working strength) बढ़कर 37 हो गई है।
पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत संख्या 38 है, जिसमें वर्तमान में 37 न्यायाधीश कार्यरत हैं। तीन नए नियुक्तियों—जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेष कुमार सिंह—की सिफारिश कॉलेजियम द्वारा 28 सितंबर, 2026 को की गई थी।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत संख्या (Sanctioned strength): 38।
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट की वर्तमान कार्यशील संख्या: 37।
- संस्थासुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम: न्यायिक नियुक्तियों (judicial appointments) की सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
- पदजस्टिस सुनीता अग्रवाल: गुजरात हाई कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस।
- पदजस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय: दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
भारत के सुप्रीम कोर्ट के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार निकाय है।
- सुप्रीम कोर्ट की वर्तमान कार्यशक्ति 40 है।
- सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत संख्या 38 है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 1 और 2
- (d)केवल 1 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (d) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: वर्तमान कार्यबल (working strength) 37 है।
मेन्स के लिए
Q. भारत में न्यायिक स्वतंत्रता को बनाए रखने में कॉलेजियम प्रणाली की भूमिका और न्यायिक रिक्तियों से उत्पन्न चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Institutional bottleneck: Delays in judicial appointments affecting the disposal of pending cases
- Constitutional balance: Balancing executive role in appointments with judicial autonomy of the Collegium
कीवर्ड: Judicial Appointments · Supreme Court Collegium · Judicial Vacancies · Judicial Independence · Sanctioned Strength
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।