कर्नाटक में सूखे से 46,000 करोड़ का नुकसान, सरकार ने मांगी 7,500 करोड़ की मदद
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक सरकार ने ₹46,000 करोड़ के सूखे से हुए नुकसान के बदले ₹7,500 करोड़ की राहत की मांग करते हुए केंद्र सरकार को मेमोरेंडम (memorandums) सौंपे हैं।
पृष्ठभूमि
अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों ने नुकसान का आकलन करने के लिए कर्नाटक के यादगीर, रायचूर और मैसूर सहित सूखा प्रभावित जिलों का दौरा किया। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता की मांग करते हुए दो ज्ञापन (memorandums) सौंपे।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाइंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम्स (Inter-Ministerial Central Teams): केंद्र सरकार की वे संस्थाएं जिन्हें आपदा से हुए नुकसान और राहत की जरूरतों का आकलन करने का काम सौंपा जाता है।
- तथ्यकर्नाटक में सूखे से होने वाले अनुमानित नुकसान: ₹46,000 करोड़।
- तथ्यकर्नाटक द्वारा मांगी गई राहत राशि: ₹7,500 करोड़।
- स्थानकर्नाटक के सूखा प्रभावित जिले: यादगीर, रायचूर, गेरडाडा, अराकरे, सालिग्रामा, मैसूर, हसन और दावणगेरे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के सूखा प्रभावित कृषि क्षेत्रों में समय पर आपदा राहत प्रदान करने में आने वाली राजकोषीय और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
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