क्लाइमेट डैमेज के लिए OECD देशों से ग्लोबल साउथ के लोगों को मिले पैसे
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जलवायु न्याय और अंतर्राष्ट्रीय जलवायु वित्त (International Climate Finance): क्षतिपूर्ति (Reparations) पर आधारित GS3 और एथिक्स का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
अर्थशास्त्री माइकल ग्रीनस्टोन, अभिजीत बनर्जी और एस्तेर डुफ्लो ने एक मॉडल प्रस्तावित किया है, जिसमें OECD देश ग्लोबल साउथ के व्यक्तियों को उनके उत्सर्जन (emissions) के कारण होने वाले जलवायु नुकसान के लिए सीधे भुगतान करेंगे।
पृष्ठभूमि
'जस्ट इकोनॉमिक्स' (Just Economics) पुस्तक में दिए गए प्रस्ताव के अनुसार, सरकार द्वारा हस्तांतरण के बजाय सीधे व्यक्तियों को भुगतान करने का सुझाव दिया गया है। यह इस बात पर जोर देता है कि भविष्य के 82% उत्सर्जन (emissions) OECD के बाहर से होने का अनुमान है। इसके साथ ही, यह द्विपक्षीय समझौतों (जैसे EU और भारत) को एक व्यावहारिक तंत्र के रूप में प्रस्तावित करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाOECD: Organisation for Economic Co-operation and Development, मुख्य रूप से अमीर और औद्योगिक देशों का एक समूह।
- तथ्ययह अनुमान लगाया गया है कि भविष्य के 82% उत्सर्जन OECD के बाहर होंगे।
- स्थानसूरत: उत्सर्जन व्यापार (Emissions Trading) के लिए 150 टेक्सटाइल प्लांट्स का 99% कंप्लायंट मार्केट ट्रायल का स्थल।
- पदमाइकल ग्रीनस्टोन: एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के डायरेक्टर।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
क्लाइमेट रिपेरेशंस (climate reparations) प्रस्ताव और उत्सर्जन डेटा (emissions data) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- प्रस्ताव में सरकारी ट्रांसफर के बजाय सीधे व्यक्तियों को भुगतान (direct-to-individual payments) करने का सुझाव दिया गया है।
- सूरत में एमिशन ट्रेडिंग (Emissions Trading) के लिए 150 टेक्सटाइल प्लांट्स का मार्केट ट्रायल आयोजित किया गया।
- अनुमान है कि भविष्य के लगभग 82% उत्सर्जन OECD के भीतर से आएंगे।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 1 और 2
- (d)केवल 1 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: नोट के अनुसार, भविष्य के 82% उत्सर्जन (emissions) OECD के बाहर से आने का अनुमान है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक जलवायु अन्याय को संबोधित करने के एक तंत्र के रूप में विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों को सीधे व्यक्तिगत स्तर पर जलवायु क्षतिपूर्ति प्रदान करने की व्यवहार्यता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- नैतिक और राजकोषीय ट्रेड-ऑफ: उभरती अर्थव्यवस्थाओं में कार्बन प्राइसिंग की ज़रूरत बनाम OECD देशों की ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन
- संस्थागत घर्षण: 'क्लाइमेट डैमेज' के लिए सत्यापन योग्य मैट्रिक्स स्थापित करने और सीधे व्यक्ति को भुगतान की ईमानदारी सुनिश्चित करने में चुनौतियां
- भू-राजनीतिक बदलाव: मल्टीलैटरल क्लाइमेट फाइनेंस से द्विपक्षीय 'डील-आधारित' कार्बन प्राइसिंग और मुआवजे के मॉडल की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: क्लाइमेट जस्टिस · कार्बन प्राइसिंग · ग्लोबल साउथ · क्लाइमेट रिपेरेशन्स · मार्केट-आधारित समाधान · एक्सटर्नलिटीज़
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।