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भाग I · स्था. 11.2025 
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काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने कश्मीर घाटी में 22 स्थानों पर छापेमारी की

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· साइबर सुरक्षा· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने कश्मीर घाटी में 22 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धोखाधड़ी और आतंकी फंडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल अकाउंट्स (mule accounts) से जुड़े एक साइबर आतंकवाद मामले की जांच के लिए की गई है।

पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने 7 जनवरी, 2025 को छापेमारी की। इस ऑपरेशन का उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी और आतंकी फंडिंग से जुड़े 'म्यूल अकाउंट्स' (mule accounts) को खत्म करना था। इसके तहत श्रीनगर शहर के भीतर 15 साइटों सहित कुल 22 स्थानों पर कार्रवाई की गई।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाकाउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विंग है।
  • तथ्यCIK ने 7 जनवरी, 2025 को कश्मीर घाटी में 22 स्थानों पर छापेमारी की।
  • तथ्यछापेमारी की गई 15 लोकेशन श्रीनगर शहर के भीतर स्थित थीं।
  • तथ्यMule accounts को साइबर फ्रॉड और टेरर फंडिंग (terror funding) दोनों के लिए माध्यम के रूप में पहचाना गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में साइबर-सक्षम अपराधों और आतंकवाद के बीच विकसित होते अंतर्संबंधों की चर्चा कीजिए और देश के साइबर-सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

उत्तर के आयाम

  • फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर: पारंपरिक AML चेक से बचने के लिए म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल
  • क्षेत्राधिकार की बाधाएं: सीमा पार साइबर-आतंकवाद फंडिंग और डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक करने में चुनौतियां
  • तकनीकी असंतुलन: साइबर-फ्रॉड की तकनीकें कानून प्रवर्तन की मौजूदा क्षमताओं से तेज़ी से आगे निकल रही हैं

मुख्य शब्द: साइबर-टेररिज्म · म्यूल अकाउंट्स · आतंकवाद को फंडिंग · काउंटर-इंटेलिजेंस · साइबर-सिक्योरिटी आर्किटेक्चर

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।