सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने बिहार के राजगीर की पहाड़ियों में पक्षियों की प्रजातियों की विविधता में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जैव विविधता एवं संरक्षण· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने बिहार के राजगीर की पहाड़ियों में पक्षियों की प्रजातियों की विविधता में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है, जो सर्दियों के दौरान यहाँ के शरण स्थल (winter refuge) के रूप में महत्व को दर्शाता है।

पृष्ठभूमि

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षणों में दिसंबर 2025 तक राजगीर की पहाड़ियों में 135 पक्षी प्रजातियों को दर्ज किया गया है। इस क्षेत्र में यूरोप और मध्य एशिया से आने वाले प्रवासी पक्षियों सहित 100 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पर्यावरणराजगीर वन्यजीव अभयारण्य में भारतीय गिद्ध (Indian vultures) और ग्रिफॉन गिद्ध (griffon vultures) को लुप्तप्राय प्रजातियों (endangered species) के रूप में पहचाना गया है।
  • पर्यावरणयूरेशियन केस्ट्रेल (Eurasian Kestrel) और लॉन्ग-लेग्ड बज़ार्ड (Long-legged Buzzard) इस क्षेत्र में देखे जाने वाले प्रवासी रैप्टर्स (Raptors) हैं।
  • तथ्यफरवरी 2025 से राजगीर हिल्स में पक्षियों की प्रजातियों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
  • स्थानबिहार की राजगीर हिल्स यूरोप और मध्य एशिया से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए सर्दियों का ठिकाना (winter refuge) प्रदान करती हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में प्रवासी पक्षी गलियारों (migratory bird corridors) के पारिस्थितिक महत्व और शीतकालीन शरणस्थलों (winter refuges) के संरक्षण की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • हैबिटेट कनेक्टिविटी: पक्षियों की जैव विविधता संरक्षण के लिए ट्रांसबाउंड्री फ्लाईवे का महत्व
  • संरक्षण के ट्रेड-ऑफ: स्थानीय पारिस्थितिक संरक्षण और क्षेत्रीय प्रवासी पैटर्न के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · प्रवासी गलियारे · सर्दियों की शरण · लुप्तप्राय प्रजातियां · पारिस्थितिक महत्व

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स

सभी पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।