ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है
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पार्टी प्रतीकों और पंजीकरण पर निर्वाचन आयोग की विवेकाधीन शक्तियाँ: एक GS2 राजव्यवस्था (Polity) केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उनकी पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया गया है और प्रतिद्वंद्वी गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं।
पृष्ठभूमि
निर्वाचन आयोग (ECI) ने 17 सितंबर, 2026 को होने वाले विधानसभा उपचुनावों में मूल नाम और चुनाव चिह्न के उपयोग पर रोक लगा दी है। ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के समूह को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' का चुनाव चिह्न दिया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यममता बनर्जी के गुट को नया नाम ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (Mamata All India Trinamool Congress) आवंटित किया गया है।
- तथ्यDemocratic Trinamool Congress: रितब्रत बनर्जी के समूह को दिया गया नया नाम।
- तथ्यफुटबॉल प्लेयर: ममता बनर्जी के गुट को आवंटित प्रतीक।
- तथ्यलिफाफा (Envelope): रिटब्रत बनर्जी के ग्रुप को आवंटित प्रतीक।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
भारत में राजनीतिक दलों के नाम और चुनाव चिह्न आवंटित करने और उन्हें फ्रीज करने का अधिकार किस निकाय के पास है?
- (a)Election Commission of India
- (b)Reserve Bank of India
- (c)गृह मंत्रालय
- (d)NITI Aayog
उत्तर देखें
उत्तर: (a) Election Commission of India — नोट के अनुसार, निर्वाचन आयोग (ECI) ने प्रतीक चिन्ह को फ्रीज करने और नए नाम आवंटित करने का निर्णय लिया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राजनीतिक दलों के प्रतीकों के आवंटन और उन्हें फ्रीज करने के संबंध में चुनाव आयोग की शक्तियों तथा आंतरिक पार्टी लोकतंत्र पर इसके निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।