ममता बनर्जी और आरुप रॉय-ऋतब्रत बनर्जी के बीच गुटबाजी के कारण उत्पन्न विभाजन के फलस्वरूप
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पार्टी की वैधता और विधायी बहुमत पर संवैधानिक कानून और EC के निर्णय: एक GS2 राजव्यवस्था केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
ममता बनर्जी और आरुप रॉय-ऋतब्रत बनर्जी के बीच गुटबाजी के कारण उत्पन्न विभाजन के फलस्वरूप, निर्वाचन आयोग ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के चुनाव चिह्न को रोक दिया है।
पृष्ठभूमि
निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को 'फुटबॉलर' (footballer) प्रतीक और अरुप रॉय-ऋतब्रत बनर्जी के गुट को 'लिफाफा' (envelope) प्रतीक आवंटित किया है। यह निर्णय 1969 के एक पूर्व उदाहरण का संदर्भ देता है, जिसमें सांसदों और विधायकों के बीच बहुमत के समर्थन के आधार पर इंदिरा गांधी के समूह ने पार्टी का प्रतीक प्राप्त किया था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्य1969 के मिसाल (precedent) में सांसदों और विधायकों के बीच बहुमत के आधार पर पार्टी की वैधता का निर्धारण शामिल था।
- तथ्यवर्तमान विभाजन में प्रदान किए गए प्रतीक 'footballer' और 'envelope' हैं।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
1969 में विभाजन के दौरान पार्टी की वैधता निर्धारित करने के लिए किस कारक को मिसाल के रूप में उपयोग किया गया था?
- (a)सुप्रीम कोर्ट का फैसला
- (b)MPs और MLAs के बीच बहुमत का समर्थन
- (c)राज्य सरकार की मंजूरी
- (d)जनमत संग्रह के नतीजे
उत्तर देखें
उत्तर: (b) MPs और MLAs के बीच बहुमत का समर्थन — 1969 का पूर्ववृत्त MPs और MLAs के बीच बहुमत के आधार पर पार्टी की वैधता के निर्धारण से संबंधित था।
मेन्स के लिए
Q. भारत में राजनीतिक दलों के भीतर होने वाले विवादों को सुलझाने में निर्वाचन आयोग की भूमिका और राजनीतिक दलों की वैधता निर्धारित करने में विधायी शक्ति के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Institutional autonomy: Balancing the EC's role as a neutral arbiter vs. political party internal democracy
- Legislative weight: The impact of MP/MLA numbers on determining the 'true' leadership during party splits
कीवर्ड: intra-party democracy · electoral legitimacy · arbitration · political representation · constitutional morality
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।