पिछले साल सितंबर में करूर में हुई एक दुखद घटना के बाद
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चर्चा में क्यों
पिछले साल सितंबर में करूर में हुई एक दुखद घटना के बाद, तमिलनाडु सरकार ने भारी भीड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों में भगदड़ को रोकने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) अधिसूचित किया है।
पृष्ठभूमि
यह SOP (Standard Operating Procedure) उन कार्यक्रमों पर लागू होता है जिनमें 5,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल होते हैं। आयोजकों को आयोजन स्थल, भीड़ की संख्या और सुरक्षा उपायों का विवरण देते हुए 10 दिन पहले आवेदन जमा करना अनिवार्य है। आयोजन स्थल के निर्धारण और जोखिम मूल्यांकन (Risk Assessment) की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की होगी।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यSOP 5,000 से अधिक प्रतिभागियों वाले सार्वजनिक समारोहों (public gatherings) पर लागू होती है।
- तथ्यआयोजकों को कम से कम 10 दिन पहले आवेदन जमा करना होगा।
- पदडिस्ट्रिक्ट कलेक्टर वेन्यू असेसमेंट (venue assessment) और परमिशन जारी करने के लिए नामित अथॉरिटी हैं।
- तथ्यसरकार छह महीने के भीतर एक ऑनलाइन एप्लीकेशन सिस्टम (online application system) शुरू करने की योजना बना रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करनेके लिए बड़े पैमाने पर होने वाले सार्वजनिक आयोजनों के प्रबंधन में मानकीकृत सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशासनिक निरीक्षण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- प्रशासनिक बाधा: मैनुअल आवेदन प्रोसेसिंग में देरी बनाम प्रस्तावित ऑनलाइन सिस्टम की कुशलता
- रिस्क असेसमेंट फ्रेमवर्क: सभा की आज़ादी और सक्रिय भीड़ प्रबंधन व सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर · सार्वजनिक सुरक्षा · प्रशासनिक निगरानी · जोखिम मूल्यांकन · भीड़ प्रबंधन
शासन पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।