केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने DPIIT को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है
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चर्चा में क्यों
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने DPIIT को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह पुष्टि की गई हो कि COVID-19 वैक्सीन निर्माताओं को दी गई सरकारी फंडिंग से संबंधित डेटा उपलब्ध नहीं है।
पृष्ठभूमि
CIC ने महावीर सिंह शर्मा द्वारा दायर एक RTI अपील के बाद यह निर्देश जारी किया। इस अपील में सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को जारी किए गए फंड (निधि) के विवरण मांगे गए थे। DPIIT ने शुरुआत में दावा किया था कि यह जानकारी उसके लॉजिस्टिक्स डिवीजन के पास उपलब्ध नहीं है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाCIC: सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन (Central Information Commission) राइट टू इंफॉर्मेशन एक्ट (Right to Information Act) की निगरानी के लिए सर्वोच्च निकाय है।
- संस्थाDPIIT: Department for Promotion of Industry and Internal Trade औद्योगिक नीति के लिए नोडल बॉडी है।
- तथ्यRTI अपील में विशेष रूप से Serum Institute of India और Bharat Biotech के लिए फंडिंग के विवरण मांगे गए थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आपातकालीन स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और वैक्सीन निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले सार्वजनिक धन के प्रकटीकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संस्थागत अपारदर्शिता: इमरजेंसी फंडिंग के लिए सेंट्रलाइज्ड डेटा रिपॉजिटरी की कमी से जानकारी का असंतुलन पैदा होता है
- अकाउंटेबिलिटी गैप: विस्तृत खर्च के डेटा के बिना नेशनल इमरजेंसी के दौरान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का ऑडिट करना मुश्किल
मुख्य शब्द: सूचना का अधिकार · पारदर्शिता · सार्वजनिक जवाबदेही · डेटा गवर्नेंस · संस्थागत निगरानी
शासन पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।