संरक्षण समूह 'We Are Aravalli' ने अरावली पहाड़ियों को केवल 0.19% पारिस्थितिक जोखिम (ecological risk) वाली श्रेणी में रखने के केंद्र के फैसले की आलोचना की है
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चर्चा में क्यों
संरक्षण समूह 'We Are Aravalli' ने अरावली पहाड़ियों को केवल 0.19% पारिस्थितिक जोखिम (ecological risk) वाली श्रेणी में रखने के केंद्र के फैसले की आलोचना की है। इस समूह ने आरोप लगाया है कि स्वतंत्र सैटेलाइट विश्लेषण से पता चलता है कि इसका 31.8% हिस्सा जोखिम में है।
पृष्ठभूमि
'वी आर अरावली' (We Are Aravalli) समूह ने अरावली पर्वतमाला में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और इसे मान्यता प्राप्त अरावली पर्वत प्रणाली के भीतर शामिल करने की मांग की है। उनका तर्क है कि यह पर्वतमाला करोड़ों लोगों के लिए महत्वपूर्ण जल पुनर्भरण क्षेत्र (water recharge zones) और धूल अवरोधक (dust barriers) के रूप में कार्य करती है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानअरावली रेंज: इसे एक महत्वपूर्ण वॉटर रिचार्ज ज़ोन (water recharge zone) और डस्ट बैरियर (dust barrier) के रूप में पहचाना गया है।
- तथ्यWe Are Aravalli ग्रुप के सैटेलाइट एनालिसिस के अनुसार: इस रेंज का 31.8% हिस्सा इकोलॉजिकल रिस्क (ecological risk) के दायरे में है।
- तथ्यकेंद्र का वर्गीकरण: अरावली की पहाड़ियों का 0.19% हिस्सा इकोलॉजिकल रिस्क (ecological risk) से प्रभावित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अरावली पर्वतमाला के पारिस्थितिक महत्व की चर्चा कीजिए और औद्योगिक खनन गतिविधियों तथा महत्वपूर्ण जल पुनर्भरण क्षेत्रों के संरक्षण के बीच होने वाले समझौतों (trade-offs) का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर के आयाम
- पारिस्थितिक गिरावट: माइनिंग के कारण प्राकृतिक धूल अवरोध और ग्राउंडवाटर रिचार्ज क्षमता का नुकसान
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: स्वतंत्र सैटेलाइट डेटा और आधिकारिक इकोलॉजिकल रिस्क क्लासिफिकेशन के बीच अंतर
- पुनर्स्थापन की बाधाएं: क्षतिग्रस्त पहाड़ियों को वापस पाने की जटिलता बनाम खनिज निकालने की आर्थिक मांग
मुख्य शब्द: पारिस्थितिक जोखिम · वॉटर रिचार्ज ज़ोन · माइनिंग लीज़ · संरक्षण समूह · सैटेलाइट विश्लेषण
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।