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भाग I · स्था. 11.2025 
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गाज़ा में नरसंहार का "संभावित खतरा", इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस की चेतावनी

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· International institutions & agencies (UN, WTO, IMF...)· Mains·

अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय हस्तक्षेप: संघर्ष क्षेत्रों में न्यायिक निरीक्षण पर आधारित GS2 का एक प्रमुख विषय।

चर्चा में क्यों

इज़राइल द्वारा लगाए गए नाकेबंदी और बुनियादी ढांचे के विनाश के आरोपों के बीच, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने गाज़ा में नरसंहार के 'संभावित जोखिम' के प्रति चेतावनी दी है।

पृष्ठभूमि

ICJ की यह चेतावनी 7 अक्टूबर, 2023 से अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयों के समक्ष प्रस्तुत किए गए नरसंहार के आरोपों के बाद आई है। यह रिपोर्ट संघर्ष में विस्थापन आदेशों, घेराबंदी की रणनीति और AI-सहायता प्राप्त लक्ष्य निर्धारण की भूमिका को रेखांकित करती है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यICJ ने इसके होने पर अंतिम निर्णय दिए बिना नरसंहार के 'संभावित जोखिम' (plausible risk) की चेतावनी दी।
  • विज्ञान-तकनीकAI-assisted targeting: बुनियादी ढांचे के विनाश और सामूहिक हत्या के आरोपों में एक कारक के रूप में पहचाना गया।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

International Court of Justice (ICJ) और गाजा की स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. ICJ की चेतावनी 1 जनवरी, 2024 से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए आरोपों के आधार पर जारी की गई थी।
  2. ICJ ने नरसंहार (genocide) के घटित होने की पुष्टि करते हुए अंतिम निर्णय जारी किया।
  3. बुनियादी ढांचे के विनाश और सामूहिक हत्या के आरोपों में AI-assisted targeting को एक कारक के रूप में पहचाना गया।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 3 — कथन 3 सही है। कथन 1 गलत है: इन आरोपों पर 7 अक्टूबर, 2023 से अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयों के समक्ष बहस की गई है। कथन 2 गलत है: ICJ ने अंतिम निर्णय दिए बिना संभावित जोखिम की चेतावनी दी थी।

मेन्स के लिए

Q. नरसंहार के आरोपों को संबोधित करने में अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक निकायों की भूमिका और सक्रिय संघर्ष क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय कानून को लागू करने की चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Jurisdictional limitations: Difficulty of the ICJ in enforcing binding orders against sovereign states.
  • Technological accountability: Legal implications of using AI-assisted targeting in urban warfare.
  • Humanitarian intervention: Balancing state sovereignty with the 'Responsibility to Protect' (R2P) doctrine.

कीवर्ड: International Law · Genocide Convention · Sovereignty · Humanitarian Intervention · Judicial Oversight

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Al Jazeera ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।