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भाग I · स्था. 11.2025 
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द हिंदू करेंट अफेयर्स हिंदी में — 11 मई 2026

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GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स

स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने आंध्र प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और नकली दवाओं से निपटने के लिए AYUSH सेक्टर में सुधार हेतु तीन समितियों के गठन की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने आंध्र प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और नकली दवाओं से निपटने के लिए AYUSH सेक्टर में सुधार हेतु तीन समितियों के गठन की घोषणा की है।

आंध्र प्रदेश सरकार नई AYUSH गाइडलाइन्स विकसित करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति, एक स्टेकहोल्डर्स समिति और एक तकनीकी समिति का गठन कर रही है। इस पहल के अंतर्गत क्लीनिकों और अस्पतालों के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (Regulatory Framework) को मजबूत करने हेतु केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के सर्वोत्तम अभ्यासों (Best Practices) का अध्ययन किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यतीन कमेटियाँ गठित की गईं: एक्सपर्ट (Expert), स्टेकहोल्डर्स (Stakeholders) और टेक्निकल (Technical)।
  • स्थानआंध्र प्रदेश: AYUSH सेक्टर सुधारों को लागू करने वाला राज्य।
  • तथ्यबेस्ट प्रैक्टिसेस के लिए संदर्भ राज्य: केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवा वितरण के मानकीकरण के लिए आयुष (AYUSH) क्षेत्र हेतु एक सुदृढ़ विनियामक ढांचे की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: आयुष प्रैक्टिशनर्स के लिए स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन की कमी से घटिया इलाज का खतरा
  • क्वालिटी एश्योरेंस: पारंपरिक दवाओं की सप्लाई चेन से नकली दवाएं हटाने के लिए कड़े टेस्टिंग प्रोटोकॉल की ज़रूरत
  • इंटर-स्टेट लर्निंग: केरल और कर्नाटक जैसे सफल राज्य-स्तरीय मॉडल्स पर आधारित एक एकीकृत नेशनल फ्रेमवर्क की संभावना

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · क्वालिटी एश्योरेंस · सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा · मानकीकरण · पारंपरिक चिकित्सा

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GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

कर्नाटक सरकार ने 11 मई को शराब पर आधारित एक नया एक्साइज सिस्टम (Excise regime) लागू किया है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने 11 मई को शराब पर आधारित एक नया एक्साइज सिस्टम (Excise regime) लागू किया है। इसका उद्देश्य सामाजिक लागत (Social costs) के आधार पर टैक्स लगाना और अधिक अल्कोहल वाली शराब के सेवन को हतोत्साहित करना है।

कर्नाटक स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KSBCL) शराब की मात्रा और एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) के आधार पर स्वचालित रूप से कीमतों की गणना करेगा। वर्ष 2024-25 में शराब की सामाजिक लागत (Social Cost) ₹1,200 प्रति लीटर अनुमानित है, जिसके 2028-29 तक ₹2,000 प्रति लीटर तक बढ़ने का अनुमान है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक में शराब की सोशल कॉस्ट (Social cost) 2028-29 तक ₹2,000 प्रति लीटर तक पहुँचने का अनुमान है।
  • संस्थाKSBCL (Karnataka State Beverage Corporation Ltd.) नई व्यवस्था के तहत कीमतों की गणना के लिए जिम्मेदार संस्था है।
  • स्थाननया एक्साइज रिजीम (excise regime) विशेष रूप से कर्नाटक राज्य के लिए है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में 'सामाजिक लागत' के आधार पर शराब पर कर लगाने की प्रक्रिया किस प्रकार सार्वजनिक स्वास्थ्य और व्यवहारिक परिवर्तन के लिए एक राजकोषीय उपकरण के रूप में कार्य करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय-स्वास्थ्य संबंध: शराब से जुड़ी समस्याओं पर सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च कम करने के लक्ष्य के साथ राज्य के राजस्व सृजन में संतुलन
  • प्राइस इलास्टिसिटी: कम कीमत वाली शराब की कीमतों में बढ़ोतरी का हाशिए पर रहने वाले वर्गों पर असर बनाम प्रीमियम लेबल की कीमतों में गिरावट

मुख्य शब्द: राजकोषीय नीति · सामाजिक लागत · उत्पाद शुल्क · सार्वजनिक स्वास्थ्य · बिहेवियरल इकोनॉमिक्स

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