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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल मिशन, स्काईरूट ने विक्रम-1 रॉकेट लॉन्च किया

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

Skyroot Aerospace ने 18 जुलाई, 2026 को विक्रम-1 रॉकेट का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया, जो भारत का पहला निजी रूप से विकसित कक्षीय मिशन (orbital mission) है।

पृष्ठभूमि

एक निजी भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप, स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने 18 जुलाई, 2026 को विक्रम-1 रॉकेट का प्रक्षेपण किया। यह मिशन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को एक श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित था, जिनके नेतृत्व में 18 जुलाई, 1980 को SLV-3 के माध्यम से भारत का प्रथम उपग्रह प्रक्षेपण संपन्न हुआ था।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकVikram-1: Skyroot Aerospace द्वारा विकसित भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट।
  • विज्ञान-तकनीकSLV-3: भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान, जिसने 1980 में Rohini उपग्रह को कक्षा में स्थापित किया था।
  • पदडॉ. APJ Abdul Kalam: भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रमुख व्यक्तित्व।
  • तथ्यVikram-1 का प्रक्षेपण 18 जुलाई, 2026 को SLV-3 मिशन के ठीक 46 वर्ष बाद हुआ।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के महत्व और निजी कक्षीय मिशनों को बढ़ावा देने में सरकार की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS3 · उद्योग, निवेश एवं MSME

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।