श्रीहरिकोटा से विक्रम-1 की लॉन्चिंग, प्राइवेट स्पेस रेस में भारत की बड़ी छलांग
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चर्चा में क्यों
Skyroot Aerospace, श्रीहरिकोटा से विक्रम-1 का प्रक्षेपण करने की तैयारी कर रहा है, जो भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और निजी प्रक्षेपण वाहनों के उद्भव के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
पृष्ठभूमि
Skyroot Aerospace की स्थापना 2018 में ISRO के पूर्व इंजीनियरों पवन कुमार चंदना और नागा भरथ डाका द्वारा की गई थी। विक्रम-1 रॉकेट का IN-SPACe द्वारा गहन तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण किया गया, जो ISRO के आंतरिक मानकों के अनुरूप है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकVikram-1, Skyroot Aerospace द्वारा विकसित एक निजी ऑर्बिटल रॉकेट है।
- संस्थाIN-SPACe (Indian National Space Promotion and Authorization Centre) भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के विनियमन के लिए नोडल एजेंसी है।
- स्थानश्रीहरिकोटा भारत के अंतरिक्ष अभियानों के लिए प्राथमिक अंतरिक्षपत्तन (spaceport) है।
- तथ्यSkyroot Aerospace की स्थापना 2018 में हुई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने में 'न्यूस्पेस' (NewSpace) नीति के महत्व और सुरक्षा एवं मानकों को सुनिश्चित करने में 'इन-स्पेस' (IN-SPACe) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
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