योगी आदित्यनाथ ने शुरू किया 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान, लगेंगे 35 करोड़ पौधे
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Species, protected areas & wetlands· Prelims·
चर्चा में क्यों
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरणीय क्षरण से निपटनेके लिए 35 करोड़ पौधे लगाने हेतु गोरखपुर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान का शुभारंभ किया।
पृष्ठभूमि
यह अभियान 12 जुलाई, 2026 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुरू किया गया था। इसका मुख्य लक्ष्य अनिश्चित मौसम के पैटर्न और कार्बन उत्सर्जन के दुष्प्रभावों को कम करने के उद्देश्य से 35 करोड़ पौधे लगाना है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्य'Ek Pedh Maa Ke Naam' अभियान का लक्ष्य: 35 करोड़ पौधे।
- स्थानप्रक्षेपण स्थल: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
- तथ्यअभियान शुरू होने की तिथि: July 12, 2026।
मेन्स के लिए
Q. 'एक पेड़ माँ के नाम' जैसी व्यापक स्तर की वनीकरण पहलों के माध्यम से भारतीय कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Ecological resilience: Mitigating erratic rainfall and heatwaves through increased carbon sinks and local micro-climate regulation
- Agricultural stability: Reducing soil erosion and groundwater depletion to ensure food security in climate-vulnerable regions
- Policy integration: Aligning state-led plantation drives with national carbon emission reduction targets and biodiversity conservation goals
कीवर्ड: Afforestation · Carbon Sequestration · Climate Resilience · Environmental Degradation · Sustainable Agriculture
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
- दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक-बस हटाए जाएंगे, सरकार ने परिवर्तन स्कीम को मंजूरी दी · 20 जुलाई 2026
- उत्तराखंड में 3,000 पेड़ों की कटाई रोकी, सीएम पुष्कर सिंह धामी का फैसला · 20 जुलाई 2026
- WELL लैब्स ने झीलों को पुनर्जीवित करने के लिए नया फ्रेमवर्क लॉन्च किया · 20 जुलाई 2026
- गुजरात में इंसानों और जानवरों के बीच टकराव कम करने के लिए 50 हिरणों को सूरत भेजा · 19 जुलाई 2026
- जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में बढ़ा तापमान, ग्लेशियर पिघलने की रफ्तार तेज़ · 19 जुलाई 2026
- पल्लिकरनई रामसर साइट के पास कंस्ट्रक्शन पर रोक, NGT का बड़ा फैसला · 19 जुलाई 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।