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भाग I · स्था. 11.2025 
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केरल वॉटर अथॉरिटी ने कोच्चि नहरों की सफाई के लिए ₹185 करोड़ का सीवेज प्रोजेक्ट शुरू किया

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

केरल जल प्राधिकरण (KWA) ने नहरों के प्रदूषण को कम करने और शहरी स्वच्छता में सुधार हेतु कोच्चि में ₹185 करोड़ की सीवेज परियोजना शुरू की है।

पृष्ठभूमि

इस परियोजना के अंतर्गत 27 किलोमीटर लंबी सीवेज पाइपलाइन, 5-MLD की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और 1,400 मैनहोल शामिल हैं। इसमें मूविंग बेड बायोफिल्म रिएक्टर (MBBR) तकनीक का उपयोग किया गया है और इसे 30 वर्षों की परिचालन अवधि के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाKerala Water Authority (KWA): केरल में जल आपूर्ति और सीवरेज प्रबंधन के लिए उत्तरदायी राज्य निकाय।
  • विज्ञान-तकनीकMBBR (Moving Bed Biofilm Reactor): अपशिष्ट जल उपचार के लिए उपयोग की जाने वाली एक फिक्स्ड-फिल्म एक्टिवेटेड स्लज प्रक्रिया।
  • तथ्यपरियोजना का दायरा: कोच्चि में 27-किमी पाइपलाइन, 5-MLD STP और 1,400 मैनहोल।
  • स्थानकोच्चि: केरल का एक प्रमुख बंदरगाह शहर और राज्य का वाणिज्यिक केंद्र।

मेन्स के लिए

प्रश्न: तटीय शहरों में शहरी अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।