कोझिकोड तट पर प्लास्टिक जाल में फंसने के कारण एक लुप्तप्राय 'इंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फिन' और एक 'इंडो-पैसिफिक फिनलेस पोरपॉइज़' की मृत्यु ने समुद्री जैव विविधता के लिए समुद्री मलबे से उत्पन्न खतरों को रेखांकित किया है
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चर्चा में क्यों
कोझिकोड तट पर प्लास्टिक जाल में फंसने के कारण एक लुप्तप्राय 'इंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फिन' और एक 'इंडो-पैसिफिक फिनलेस पोरपॉइज़' की मृत्यु ने समुद्री जैव विविधता के लिए समुद्री मलबे से उत्पन्न खतरों को रेखांकित किया है।
पृष्ठभूमि
4 जुलाई, 2026 को केरल के कोझिकोड तट पर 200 किलोग्राम वजन वाली एक भारतीय महासागर हम्पबैक डॉल्फिन और एक इंडो-पैसिफिक फिनलेस पोर्पॉइज़ मृत अवस्था में पाई गईं। शव-परीक्षण (नेक्रोप्सी) से यह स्पष्ट हुआ कि डॉल्फिन की मृत्यु उसके ग्रासनली (ओसोफैगस) में फँसे 2 किलोग्राम के प्लास्टिक मछली पकड़ने वाले जाल के कारण हुई, जिससे घातक किण्वन (फरमेंटेशन) की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पर्यावरणइंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फिन: हिंद महासागर में पाई जाने वाली एक लुप्तप्राय समुद्री स्तनपायी प्रजाति।
- पर्यावरणइंडो-पैसिफिक फिनलेस पोरपॉइज़: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पाया जाने वाला एक समुद्री स्तनपायी प्रजाति।
- तथ्यडॉल्फिन के शव का वजन लगभग 200 kg था।
- स्थानकोझिकोड बीच: यह भारत के केरल राज्य में स्थित है।
मेन्स के लिए
Q. समुद्री जैव विविधता पर समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण के प्रभाव की चर्चा कीजिए और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों में परित्यक्त मछली पकड़ने के उपकरणों (abandoned fishing gear) से उत्पन्न खतरों को कम करने के उपाय सुझाइए।
उत्तर के आयाम
- Regulatory gap: Lack of stringent enforcement on the disposal and retrieval of discarded nylon fishing nets.
- Biodiversity loss: High mortality rates of endangered cetaceans due to ingestion and entanglement in marine debris.
- Coastal management: Need for integrated waste management systems to prevent plastic leakage into the Indian Ocean.
कीवर्ड: Marine Biodiversity · Anthropogenic Impact · Plastic Pollution · Cetacean Conservation · Coastal Ecology
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।