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भाग I · स्था. 11.2025 
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DRDO के Pinaka LRGR रॉकेट 60km तक मार करेंगे, भारत की ताकत बढ़ेगी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Defence technology· Prelims·

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी सटीकता और मारक क्षमता का प्रदर्शन करने हेतु पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

पृष्ठभूमि

पिनाका LRGR का अभिकल्पण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), पुणे द्वारा किया गया था। इसका परीक्षण चंद्रपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) में सेवा में कार्यरत पिनाका लॉन्चर के माध्यम से किया गया, जिसमें इसने न्यूनतम 60 किलोमीटर की पराक्रम सीमा प्राप्त की।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकPinaka LRGR: DRDO द्वारा डिजाइन और विकसित एक लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट सिस्टम।
  • स्थानइंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) चंद्रपुर: ओडिशा में स्थित एक प्रमुख तटीय परीक्षण केंद्र।
  • तथ्यPinaka LRGR ने अपने उड़ान परीक्षण के दौरान न्यूनतम 60 किलोमीटर की परिचालन सीमा प्रदर्शित की।

मेन्स के लिए

Q. रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्यों को सुदृढ़ करने में स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Strategic autonomy: Reducing reliance on foreign components for high-precision long-range rocket systems.
  • Technological leap: Transitioning from unguided to guided rocket systems to improve hit probability in complex terrains.
  • Industrial synergy: Integration of DRDO research with private industry manufacturing for rapid deployment.

कीवर्ड: Atmanirbhar Bharat · indigenous technology · precision-guided munitions · strategic deterrence · defence manufacturing

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Indian Express ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।