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भाग I · स्था. 11.2025 
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उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि MGNREGA स्थायी रोजगार का अधिकार प्रदान नहीं करता है

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चर्चा में क्यों

उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि MGNREGA स्थायी रोजगार का अधिकार प्रदान नहीं करता है, और कार्यों के स्वचालन (automation) तथा वास्तविक श्रम मांग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

पृष्ठभूमि

उच्चतम न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि MGNREGA के वे कार्य जो स्वचालन (automation) के उपयुक्त हैं, उन्हें प्रौद्योगिकी की ओर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। न्यायालय ने योजना के ढांचे के अंतर्गत दीर्घकालिक रोजगार के अधिकार के संबंध में याचिकाकर्ता के दावे को खारिज कर दिया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • योजनाMGNREGA: ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के गारंटीकृत मजदूरी रोजगार का प्रावधान प्रदान करता है।
  • संस्थाउच्चतम न्यायालय: भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था, जो कार्यकारी योजनाओं पर न्यायिक समीक्षा (judicial review) का प्रयोग करती है।
  • तथ्यन्यायालय ने टिप्पणी की कि यद्यपि श्रमिकों का उपयोग ग्रामीण संस्थानों और कृषि में किया जा सकता है, परंतु श्रम की मांग वास्तविक होनी चाहिए।

मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण श्रमिकों की आजीविका सुनिश्चित करते हुए मनरेगा (MGNREGA) को एक श्रम-प्रधान योजना से प्रौद्योगिकी-संचालित ढांचे में परिवर्तित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इंडियन एक्सप्रेस ↗यह भी: GS2 · सरकारी नीतियां एवं योजनाएंयह भी: GS2 · न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसले

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।