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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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प्रोपराइटरी ट्रेडिंग एसोसिएशन (CPAI और ISF) तरलता प्रदाता (liquidity providers) और सट्टाकार (speculators) के बीच अंतर करने के लिए एक नए ढांचे की मांग कर रहे हैं

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चर्चा में क्यों

प्रोपराइटरी ट्रेडिंग एसोसिएशन (CPAI और ISF) तरलता प्रदाता (liquidity providers) और सट्टाकार (speculators) के बीच अंतर करने के लिए एक नए ढांचे की मांग कर रहे हैं, ताकि वे बैंक गारंटी की आवश्यकताओं को कम करने हेतु RBI पर दबाव बना सकें।

पृष्ठभूमि

CPAI और ISF मिलकर RBI के समक्ष एक रूपरेखा प्रस्तावित करने के लिए सहयोग कर रहे हैं। वर्तमान में, RBI यह अधिदेश देता है कि बैंक केवल स्वामित्व व्यापार (proprietary trading) में संलग्न पूंजी बाजार मध्यस्थों (CMIs) द्वारा प्रदान की गई संपार्श्विक (collateral) के मूल्य तक ही गारंटी प्रदान करें।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाCPAI: Capital Products Association of India।
  • तथ्यRBI का अधिदेश: CMIs के लिए बैंक गारंटी वर्तमान में प्रदान की गई संपार्श्विक (collateral) के मूल्य तक सीमित है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय पूंजी बाजारों में तरलता प्रदाताओं (liquidity providers) और सट्टा व्यापारियों (speculators) के बीच अंतर स्पष्ट करने से बाजार की गहराई और दक्षता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।