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भाग I · स्था. 11.2025 
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तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन मंत्री सी.टी.आर

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चर्चा में क्यों

तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन मंत्री सी.टी.आर. निर्मलकुमार ने पवन, सौर और हरित हाइड्रोजन के माध्यम से राज्य के स्वच्छ ऊर्जा की ओर परिवर्तन को गति देने के लिए एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र दृष्टिकोण (ecosystem approach) की घोषणा की।

पृष्ठभूमि

तमिलनाडु सरकार पवन, सौर, पंपयुक्त जलविद्युत और बैटरी भंडारण प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य निवेश को आकर्षित करने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचे का लाभ उठाना और राज्य को अपतटीय पवन ऊर्जा एवं हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यतमिलनाडु के स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो में पवन, सौर, पंप्ड हाइड्रो और बैटरी स्टोरेज शामिल हैं।
  • विज्ञान-तकनीकऑफशोर विंड और ग्रीन हाइड्रोजन को राज्य के ऊर्जा संक्रमण के लिए प्रमुख फोकस क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है।
  • पदसी.टी.आर. निर्मलकुमार तमिलनाडु में ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य-संचालित पहलों की भूमिका पर चर्चा कीजिए। तमिलनाडु द्वारा बैटरी भंडारण और हरित हाइड्रोजन के एकीकरण के मॉडल को इस दिशा में एक आधारभूत रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) के रूप में कैसे देखा जा सकता है? चर्चा कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)यह भी: GS3 · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।