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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भारतीय संवैधानिक मूल्यों और एक स्वदेशी AI पारिस्थितिकी तंत्र के अनुरूप 'स्वदेशी न्यायशास्त्र' विकसित करने के प्रति सर्वोच्च न्यायालय की प्रतिबद्धता पर बल दिया

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चर्चा में क्यों

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भारतीय संवैधानिक मूल्यों और एक स्वदेशी AI पारिस्थितिकी तंत्र के अनुरूप 'स्वदेशी न्यायशास्त्र' विकसित करने के प्रति सर्वोच्च न्यायालय की प्रतिबद्धता पर बल दिया।

पृष्ठभूमि

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि प्रौद्योगिकी को स्वतंत्र न्यायिक निर्णय के विकल्प के बजाय मानवीय तर्कशक्ति के सहायक के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं और कानूनी पेशेवरों को भारतीय न्यायपालिका के भीतर परिवर्तन के प्राथमिक चालक के रूप में चिन्हित किया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदसूर्यकांत: भारत के मुख्य न्यायाधीश (जून 2026 तक)।
  • तथ्यस्वदेशी न्यायशास्त्र: भारतीय संवैधानिक मूल्यों और स्वदेशी वास्तविकताओं पर बल देने वाला एक न्यायिक दृष्टिकोण।
  • विज्ञान-तकनीकन्यायपालिका का ध्यान: कानूनी प्रणाली के लिए एक स्वदेशी AI पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) का विकास।

मेन्स के लिए

प्रश्न: न्यायिक प्रक्रियाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के एकीकरण और संतुलन के साथ भारतीय संदर्भ में एक स्वदेशी न्यायशास्त्र (Indigenous Jurisprudence) विकसित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।