तमिलनाडु के राज्यपाल ने 120 सदस्यों से समर्थन पत्र प्राप्त करने के बाद, तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) नेता सी
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· संविधान, संशोधन एवं मूल ढांचा· प्रीलिम्स + मेन्स·
चर्चा में क्यों
तमिलनाडु के राज्यपाल ने 120 सदस्यों से समर्थन पत्र प्राप्त करने के बाद, तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) नेता सी. जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
पृष्ठभूमि
सी. जोसेफ विजय ने 120 सदस्यों से समर्थन पत्र प्राप्त करने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि बहुमत का निर्धारण करने के लिए 'फ्लोर ऑफ द हाउस' (floor of the House) ही एकमात्र मंच है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यसी. जोसेफ विजय ने सरकार बनाने के लिए 120 सदस्यों से समर्थन पत्र (letters of support) प्राप्त किए।
- संस्थासुप्रीम कोर्ट ने बहुमत के समर्थन को निर्धारित करने के लिए 'फ्लोर ऑफ द हाउस' (floor of the House) को फोरम घोषित किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य सरकार के गठन के दौरान स्पष्ट बहुमत के अभाव में राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों की संवैधानिक सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- न्यायिक निगरानी: मनमाने कार्यकारी नियुक्तियों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का फ्लोर टेस्ट पर ज़ोर
- संवैधानिक अस्पष्टता: राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों और प्रतिनिधि लोकतंत्र के सिद्धांत के बीच टकराव
- संस्थागत टकराव: राज्य स्तर के राजनीतिक जनादेश और संवैधानिक प्रमुख के रूप में राज्यपाल की भूमिका के बीच तनाव
मुख्य शब्द: विवेकाधीन शक्तियाँ · हाउस का फ्लोर · संवैधानिक आदेश · सरकार का गठन · न्यायिक समीक्षा
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
- तेलंगाना हाई कोर्ट ने अवैध अतिक्रमण के मामले में लापरवाही बरतने पर GHMC के अधिकारियों की आलोचना की और HYDRAA को हैदराबाद में सार्वजनिक सड़कों को बहाल करने का निर्देश दिया · 16 मई 2026
- डेटा से पता चला है कि पिछले सितंबर में पुनर्गठन के बाद से · 16 मई 2026
- भारत निर्वाचन आयोग (EROs के माध्यम से) तेलंगाना में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए प्राप्त 'एनुमेरेशन फॉर्म' (Enumeration Forms) से नाम शामिल करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) कर रहा है · 16 मई 2026
- सीजेआई सूर्यकांत ने सीनियर एडवोकेट गाइडलाइन्स के कार्यान्वयन से संबंधित एक याचिका को खारिज करते हुए न्यायपालिका पर मीडिया और RTI कार्यकर्ताओं के हमलों की आलोचना की · 15 मई 2026
- सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित सुनवाई के अधिकार को एक मानवाधिकार घोषित किया और उत्तर प्रदेश में न्यायिक लंबित मामलों (Judicial Backlogs) और जमानत याचिकाओं की जांच के आदेश दिए · 13 मई 2026
- राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए निर्देश के बाद · 12 मई 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।