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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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असम के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने काजीरंगा नेशनल पार्क में एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियाल देखे जाने की घोषणा की है

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जैव विविधता एवं संरक्षण· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

असम के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने काजीरंगा नेशनल पार्क में एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियाल देखे जाने की घोषणा की है। यह ऐसी प्रजाति है जिसके बारे में पहले माना जाता था कि यह राज्य की नदी प्रणालियों से गायब हो गई है।

पृष्ठभूमि

9 मई, 2026 को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियाल देखा गया। CMO द्वारा इस घटना को राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की एक बड़ी सफलता के रूप में उद्धृत किया जा रहा है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पर्यावरणघड़ियाल: नदी प्रणालियों में पाया जाने वाला एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered) सरीसृप प्रजाति।
  • तथ्ययह घटना 9 मई, 2026 को देखी गई।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के नदीय पारिस्थितिकी तंत्र में लुप्तप्राय जलीय प्रजातियों के संरक्षण और बहाली में समुदाय-आधारित और राज्य-आधारित संरक्षण पहलों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • हैबिटेट रेस्टोरेशन: एपेक्स एक्वाटिक प्रीडेटर्स की मदद के लिए रिपेरियन कॉरिडोर को फिर से स्थापित करना
  • संरक्षण में सफलता: काजीरंगा के रिवर सिस्टम्स में प्रभावी मॉनिटरिंग और सुरक्षा के प्रमाण

मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · लुप्तप्राय प्रजातियां · रिपेरियन इकोसिस्टम · वन्यजीव प्रबंधन · आवास बहाली

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।