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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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नेशनल सेंटर फॉर अर्थ ऑब्जर्वेशन (National Centre for Earth Observation) के एक अध्ययन से पता चला है कि क्षरण (Degradation) के कारण 2010 और 2017 के बीच अफ्रीकी जंगल कार्बन सिंक (Carbon Sinks) से बदलकर कार्बन स्रोत (Carbon Sources) बन गए हैं

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चर्चा में क्यों

नेशनल सेंटर फॉर अर्थ ऑब्जर्वेशन (National Centre for Earth Observation) के एक अध्ययन से पता चला है कि क्षरण (Degradation) के कारण 2010 और 2017 के बीच अफ्रीकी जंगल कार्बन सिंक (Carbon Sinks) से बदलकर कार्बन स्रोत (Carbon Sources) बन गए हैं।

पृष्ठभूमि

वर्ष 2010 और 2017 के बीच अफ्रीकी वनों से सालाना लगभग 106 बिलियन किलोग्राम बायोमास (biomass) नष्ट हो गया। इस गिरावट का मुख्य कारण कृषि, बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और खनन गतिविधियां हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्य2010 और 2017 के बीच अफ्रीकी जंगलों ने सालाना 106 बिलियन किलोग्राम (kg) बायोमास (biomass) खो दिया।
  • संस्थानेशनल सेंटर फॉर अर्थ ऑब्जर्वेशन (National Centre for Earth Observation) ने फॉरेस्ट कार्बन ट्रांजिशन पर अध्ययन किया।
  • योजनाTropical Forest Forever Facility (TFFF) एक पहल है जिसका उद्देश्य वन संरक्षण के लिए फंड जुटाना है।
  • पर्यावरण2010 से अफ्रीकी जंगल कार्बन सिंक (carbon sinks) से कार्बन सोर्स (carbon sources) में बदल गए हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भू-उपयोग परिवर्तन का वैश्विक कार्बन पृथकीकरण पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए और उष्णकटिबंधीय वन पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण में अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषण तंत्रों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • कार्बन चक्र में रुकावट: बायोमास के नुकसान से नेट सिक्वेस्ट्रेशन से उत्सर्जन स्रोत में बदलाव
  • फंडिंग की कमी: ट्रॉपिकल फॉरेस्ट फॉरएवर फैसिलिटी (TFFF) के लिए पूंजी जुटाने में कमी
  • भूमि-उपयोग विवाद: औद्योगिक खनन/इंफ्रास्ट्रक्चर और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच प्रतिस्पर्धा

मुख्य शब्द: कार्बन सिंक · बायोमास का नुकसान · जलवायु शमन · भूमि-उपयोग परिवर्तन · कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंमूल खबर ↗यह भी: GS3 · जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेयह भी: GS1 · प्राकृतिक संसाधनों का वितरण

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।