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भाग I · स्था. 11.2025 
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मध्य प्रदेश वन विभाग ने 14 महीनों के दौरान 149 तेंदुओं की मौत दर्ज की है, जो मुख्य रूप से सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुई

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जैव विविधता एवं संरक्षण· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

मध्य प्रदेश वन विभाग ने 14 महीनों के दौरान 149 तेंदुओं की मौत दर्ज की है, जो मुख्य रूप से सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुई। इस घटना पर कार्यकर्ता अजय दुबे ने बुनियादी ढांचे की जवाबदेही को लेकर आलोचना की है।

पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश में 14 महीने की अवधि के भीतर 149 तेंदुओं की मौत दर्ज की गई। वन विभाग ने सड़क दुर्घटनाओं को मृत्यु का मुख्य कारण बताया है, जो मानव बस्तियों के पास तेंदुओं की मौजूदगी से जुड़ा है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्य14 महीने की अवधि में मध्य प्रदेश में 149 तेंदुए मारे गए।
  • स्थानमध्य प्रदेश वह राज्य है जहाँ तेंदुए की मृत्यु के आंकड़े दर्ज किए गए।
  • तथ्यराज्य में तेंदुओं की मृत्यु का प्राथमिक कारण सड़क दुर्घटनाएं (Road accidents) पाई गईं।
  • तथ्यलेपर्ड की मौतों को कम करने के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट नई सड़कों पर एनिमल पैसेज और साइनेज (signage) लागू कर रहा है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन: मानव बस्तियों और ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के करीब होने के कारण तेंदुओं की मौत में बढ़ोतरी
  • अकाउंटेबिलिटी गैप: इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी दुर्घटनाओं के कारण होने वाली वन्यजीव मौतों के लिए संस्थागत जिम्मेदारी की कमी
  • मिटिगेशन ट्रेड-ऑफ: एनिमल पैसेज जैसे फिजिकल बैरियर्स की प्रभावशीलता बनाम बड़े पैमाने पर हैबिटेट प्रिजर्वेशन

मुख्य शब्द: मानव-वन्यजीव संघर्ष · आवास विखंडन · जैव विविधता संरक्षण · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · वन्यजीव मृत्यु दर

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · NGO, स्वयं सहायता समूह एवं नागरिक समाजयह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।