संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें अटलांटिक दासता (Transatlantic slavery) को 'मानवता के खिलाफ सबसे गंभीर अपराध' के रूप में मान्यता दी गई है और इसके दीर्घकालिक परिणामों के लिए मुआवजे (Reparations) की मांग की गई है
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चर्चा में क्यों
संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें अटलांटिक दासता (Transatlantic slavery) को 'मानवता के खिलाफ सबसे गंभीर अपराध' के रूप में मान्यता दी गई है और इसके दीर्घकालिक परिणामों के लिए मुआवजे (Reparations) की मांग की गई है।
पृष्ठभूमि
संयुक्त राष्ट्र के इस प्रस्ताव को घाना सहित 123 देशों ने समर्थन दिया, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने इसका विरोध किया। यह प्रस्ताव माफी, कलाकृतियों की वापसी, वित्तीय मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को न दोहराने की गारंटी के माध्यम से जवाबदेही तय करने की मांग करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अंतर्राष्ट्रीय संगठनसंयुक्त राष्ट्र (UN) ने ट्रांस-अटलांटिक गुलामी (transatlantic slavery) को 'मानवता के खिलाफ सबसे गंभीर अपराध' नाम देने वाला एक रिज़ॉल्यूशन पास किया।
- तथ्यगुलामी के मुआवजे (slavery reparations) पर UN प्रस्ताव का समर्थन 123 देशों ने किया।
- तथ्यसंयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल उन तीन देशों में शामिल थे जिन्होंने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
- तथ्यReparations framework में माफी, कलाकृतियों की वापसी, वित्तीय मुआवजा और गैर-दोहराव की गारंटी (non-repetition guarantees) शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ऐतिहासिक अन्यायों को संबोधित करने में अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों की भूमिका और अटलांटिक दासता जैसे प्रणालीगत अपराधों के लिए क्षतिपूर्ति स्थापित करने की जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संस्थागत जवाबदेही: ऐतिहासिक प्रणालीगत अपराधों के लिए आधुनिक राज्यों को कानूनी और वित्तीय रूप से जिम्मेदार ठहराने पर बहस
- डिप्लोमैटिक घर्षण: ग्लोबल साउथ की रिपेरेशंस की मांग और ऐतिहासिक लायबिलिटी के प्रति पश्चिमी देशों का विरोध
- रिस्टोरेटिव जस्टिस: पीढ़ीगत ट्रॉमा के लिए वित्तीय और प्रतीकात्मक हर्जाने को मापने और बांटने की चुनौतियां
मुख्य शब्द: पुनर्स्थापनात्मक न्याय · ऐतिहासिक जवाबदेही · ट्रांसअटलांटिक दासता · मुआवज़ा · बहुपक्षवाद
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।