पांचवें राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) ने बेंगलुरु में टिकटों की बिक्री पर मनोरंजन शुल्क (entertainment fee) और टैक्स लगाने की शक्ति ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) को देने की सिफारिश की है
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चर्चा में क्यों
पांचवें राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) ने बेंगलुरु में टिकटों की बिक्री पर मनोरंजन शुल्क (entertainment fee) और टैक्स लगाने की शक्ति ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) को देने की सिफारिश की है।
पृष्ठभूमि
पांचवें राज्य वित्त आयोग ने अनुमान लगाया है कि प्रस्तावित मनोरंजन शुल्क और कर से सालाना 300 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त हो सकता है। यह प्रस्ताव विशेष रूप से नवनिर्मित ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अधिकार क्षेत्र के भीतर आने वाले मनोरंजन स्थलों के टिकटों की बिक्री को लक्षित करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यपांचवें वित्त आयोग ने प्रस्तावित एंटरटेनमेंट टैक्स (Entertainment Tax) से सालाना ₹300 करोड़ तक के राजस्व का अनुमान लगाया था।
- स्थानग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (Greater Bengaluru Authority - GBA) वह संस्था है जिसे बेंगलुरु में शुल्क लगाने के लिए प्रस्तावित किया गया है।
- संस्थापाँचवाँ राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) वह संस्था है जो सिफारिशें करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी जैसी क्षेत्रीय संस्थाओं को कर लगाने की शक्तियों का विकेंद्रीकरण करने के राजकोषीय निहितार्थों और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- राजस्व उत्पादन: मनोरंजन टिकटों की भारी बिक्री से स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े फंड की संभावना
- रेगुलेटरी अस्पष्टता: 'एंटरटेनमेंट' की स्पष्ट परिभाषा न होने से कॉर्पोरेट नॉन-कॉम्प्लायंस या मुकदमेबाजी हो सकती है
- राजकोषीय संघवाद: शहरी नियोजन में स्थानीय अधिकार की स्वायत्तता के साथ राज्य-स्तरीय राजस्व लक्ष्यों का संतुलन
मुख्य शब्द: राजकोषीय विकेंद्रीकरण · राजस्व सृजन · अर्बन गवर्नेंस · टैक्सेशन पॉलिसी · स्थानीय निकाय स्वायत्तता
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।