वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹2.81 लाख करोड़ के अतिरिक्त सकल व्यय हेतु लोकसभा से मंजूरी मांगते हुए अनुदान की पूरक मांगों (Supplementary Demands for Grants) का दूसरा बैच पेश किया
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)· प्रीलिम्स·
चर्चा में क्यों
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹2.81 लाख करोड़ के अतिरिक्त सकल व्यय हेतु लोकसभा से मंजूरी मांगते हुए अनुदान की पूरक मांगों (Supplementary Demands for Grants) का दूसरा बैच पेश किया।
पृष्ठभूमि
सरकार ने ₹2,81,289.26 करोड़ के कुल अतिरिक्त व्यय (gross additional expenditure) के लिए मंजूरी मांगी है। इसमें ₹2,01,142.96 करोड़ का शुद्ध नकद व्यय (net cash outgo) और ₹80,145.71 करोड़ का वह व्यय शामिल है, जिसकी भरपाई बचत या बढ़ी हुई प्राप्तियों/वसूली के माध्यम से की गई है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यवित्त वर्ष 2026 के लिए कुल अतिरिक्त व्यय (Gross additional expenditure) की मांग: ₹2,81,289.26 करोड़।
- तथ्यनेट कैश आउटगो (Net cash outgo) कंपोनेंट: ₹2,01,142.96 करोड़।
- तथ्यबचत/रिकवरी द्वारा मैच किया गया व्यय: ₹80,145.71 करोड़।
- संस्थाSupplementary Demands for Grants को संसदीय मंजूरी के लिए लोकसभा में पेश किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सरकारी व्यय पर संसदीय नियंत्रण और राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने में 'पूरक अनुदान मांगों' (Supplementary Demands for Grants) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- राजकोषीय पारदर्शिता: मध्य-वर्ष बजट बदलावों की रियल-टाइम संसदीय जांच के लिए मैकेनिज्म
- रेवेन्यू मैचिंग: राजकोषीय घाटा लक्ष्यों को बनाए रखने के लिए शुद्ध नकद खर्च को आंतरिक बचत और बेहतर रिकवरी के साथ संतुलित करना
मुख्य शब्द: अनुपूरक अनुदान की मांगें · राजकोषीय अनुशासन · संसदीय निगरानी · नेट कैश आउटगो · कुल अतिरिक्त व्यय
अर्थव्यवस्था पर और नोट्स
- ईरान युद्ध के कारण कतर के रास लाफन कॉम्प्लेक्स (Ras Laffan complex) से होने वाले निर्यात के रुकने से भारत की पाइपड नेचुरल गैस की आपूर्ति में संभावित बाधाओं को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं · 17 मार्च 2026
- ईरान ने चेतावनी दी है कि US-इजराइल गठबंधन और ईरान के बीच लंबे समय तक चलने वाला तनाव कच्चे तेल की कीमतों को $200 प्रति बैरल तक पहुंचा सकता है · 17 मार्च 2026
- SEBI म्यूचुअल फंड (MF) डिस्ट्रीब्यूटर फ्रेमवर्क की समीक्षा करने जा रहा है · 17 मार्च 2026
- इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है और IMF ने इसके कारण संभावित स्टैगफ्लेशन (Stagflation) को लेकर चेतावनी जारी की है · 16 मार्च 2026
- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, वहीं ईरान ने कीमतों के 200 डॉलर तक बढ़ने की चेतावनी दी है · 15 मार्च 2026
- पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण भारत में LPG की भारी कमी और कीमतों में बढ़ोतरी हुई है · 15 मार्च 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।