कर्नाटक हाई कोर्ट ने ₹10,000 करोड़ की श्रवथी पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Sharavathi Pumped Storage Hydroelectric project) की मंजूरी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक हाई कोर्ट ने ₹10,000 करोड़ की श्रवथी पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Sharavathi Pumped Storage Hydroelectric project) की मंजूरी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
पृष्ठभूमि
यह परियोजना शरवती वैली लायन मकाक सेंचुरी और इसके इको-सेंसिटिव ज़ोन (eco-sensitive zone) के भीतर स्थित है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह परियोजना वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 की धारा 29 का उल्लंघन करती है, जिसके तहत सेंचुरी में किसी भी गतिविधि के लिए चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन से अनुमति लेना अनिवार्य है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकWildlife (Protection) Act, 1972 की धारा 29, Chief Wildlife Warden की अनुमति के बिना वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी (Wildlife Sanctuary) में गतिविधियों को प्रतिबंधित करती है।
- तथ्यशरावती पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹10,000 करोड़ है।
- स्थानयह प्रोजेक्ट कर्नाटक में श्रवथी वैली लायन मकाक सेंचुरी (Sharavathi Valley Lion Macaque Sanctuary) में स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (eco-sensitive zones) में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास और जैव विविधता के संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी संघर्ष: रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के वैधानिक संरक्षण के बीच संतुलन
- पारिस्थितिक अखंडता: पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट्स का सेंचुरी हैबिटेट और स्थानीय वन्यजीवों पर प्रभाव
मुख्य शब्द: इको-सेंसिटिव ज़ोन · वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम · रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर · जैव विविधता संरक्षण · न्यायिक समीक्षा
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।