सेंट्रल सिल्क बोर्ड ने रेशम उत्पादन की तकनीकों में प्रगति और नए ऑर्गेनिक स्टिमुलेंट्स (Organic Stimulants) की लॉन्चिंग को प्रदर्शित करने के लिए मैसूर में 'रेश्मे कृषि मेला' का आयोजन किया
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चर्चा में क्यों
सेंट्रल सिल्क बोर्ड ने रेशम उत्पादन की तकनीकों में प्रगति और नए ऑर्गेनिक स्टिमुलेंट्स (Organic Stimulants) की लॉन्चिंग को प्रदर्शित करने के लिए मैसूर में 'रेश्मे कृषि मेला' का आयोजन किया।
पृष्ठभूमि
इस कार्यक्रम में शहतूत और रेशम के कीड़ों के लिए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (Integrated Nutrient Management) और कीट प्रबंधन पर प्रदर्शन किए गए। इसमें मिट्टी की उर्वरता के लिए एक पर्यावरण के अनुकूल जैविक उत्तेजक (Organic Stimulant), 'वर्मीह्यूम' (Vermihume) के लॉन्च पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थासेंट्रल सिल्क बोर्ड (CSB): भारत में रेशम उत्पादन और अनुसंधान के लिए नोडल बॉडी (Nodal body)।
- तथ्यवर्मीह्यूम (Vermihume): मिट्टी की उर्वरता सुधारने के लिए लॉन्च किया गया एक इको-फ्रेंडली ऑर्गेनिक स्टिमुलेंट (organic stimulant)।
- योजनानेशनल फाइबर मिशन (National Fibre Mission): रेशम उत्पादन (sericulture) के उपकरणों के लिए सब्सिडी बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा एक मिशन।
- संस्थासिल्क मार्क ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (SMOI): सिल्क उत्पादों में क्वालिटी एश्योरेंस (quality assurance) को बढ़ावा देने वाला एक संगठन।
- स्थानमैसूर: वह स्थान जहाँ रेश्मे कृषि मेला (Reshme Krishi Mela) प्रदर्शनी आयोजित की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जैव-निवेश (bio-inputs) और गुणवत्ता आश्वासन ढाँचों का एकीकरण वैश्विक बाजार में भारत के रेशम उत्पादन (sericulture) उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता को किस प्रकार बढ़ा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इनपुट ऑप्टिमाइजेशन: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए वर्मीकम्पोस्ट जैसे बायो-इनपुट्स के जरिए केमिकल पर निर्भरता कम करना
- मार्केट क्रेडिबिलिटी: नकली सिल्क उत्पादों से निपटने के लिए सिल्क मार्क के जरिए क्वालिटी को स्टैंडर्ड बनाना
- राजकोषीय सहायता: छोटे किसानों के लिए कैपिटल कॉस्ट कम करने हेतु नेशनल फाइबर मिशन का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: रेशम पालन · बायो-इनपुट्स · वैल्यू चेन · क्वालिटी एश्योरेंस · एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन
कृषि पर और नोट्स
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