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भाग I · स्था. 11.2025 
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केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने तीर्थयात्रा और विरासत स्थलों पर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए PRASHAD योजना के तहत तेलंगाना में चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है

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चर्चा में क्यों

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने तीर्थयात्रा और विरासत स्थलों पर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए PRASHAD योजना के तहत तेलंगाना में चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

पृष्ठभूमि

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने तेलंगाना में ₹146.50 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। आलमपुर में जोगुलंबा देवी मंदिर का विकास कार्य पूरा हो चुका है, जबकि रुद्रेश्वर मंदिर (भद्राचलम) और देवी रेणुका येल्लम्मा देवस्थानम में परियोजनाएं जारी हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • योजनाPRASHAD: तीर्थयात्रा और हेरिटेज डेस्टिनेशन (heritage destinations) पर पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की एक योजना।
  • तथ्यPRASHAD के तहत तेलंगाना की चार परियोजनाओं के लिए कुल परिव्यय (outlay): ₹146.50 करोड़।
  • स्थानजोगुलंबा देवी मंदिर: यह तेलंगाना के आलमपुर में स्थित है।
  • स्थानरुद्रेश्वर मंदिर: यह तेलंगाना के भद्राचलम में स्थित है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में धार्मिक पर्यटन के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में 'प्रसाद' (PRASHAD) योजना के योगदान का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: पर्यटकों की भारी भीड़ को संभालने के लिए तीर्थ स्थलों पर एकीकृत सुविधाओं की ज़रूरत
  • हेरिटेज संरक्षण: आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और प्राचीन वास्तुकला की सुरक्षा के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर · हेरिटेज संरक्षण · धार्मिक पर्यटन · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · सांस्कृतिक संरक्षण

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · कला, स्थापत्य एवं संस्कृतियह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।