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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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रूस ने दिसंबर 2025 में PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुए लेबर मोबिलिटी एग्रीमेंट (labor mobility agreement) के बाद श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए 2026 में कम से कम 40,000 भारतीय श्रमिकों को काम पर रखने की योजना बनाई है

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· भारत के द्विपक्षीय संबंध· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

रूस ने दिसंबर 2025 में PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुए लेबर मोबिलिटी एग्रीमेंट (labor mobility agreement) के बाद श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए 2026 में कम से कम 40,000 भारतीय श्रमिकों को काम पर रखने की योजना बनाई है।

पृष्ठभूमि

रूस के विशेष प्रतिनिधि बोरिस टिटोव ने 2026 में 1,000 डॉलर तक के मासिक वेतन पर 40,000 भारतीय श्रमिकों को नियुक्त करने की योजना की पुष्टि की है। दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित श्रम गतिशीलता समझौते (Labor Mobility Agreement) के तहत 2026 के लिए भारतीय श्रमिकों का कुल कोटा 70,000 से अधिक निर्धारित किया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यरूस ने 2026 में कम से कम 40,000 भारतीय श्रमिकों को काम पर रखने की योजना बनाई है।
  • तथ्यदिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित लेबर मोबिलिटी एग्रीमेंट (labor mobility agreement) में 2026 के लिए 70,000 से अधिक भारतीय श्रमिकों का कोटा शामिल है।
  • तथ्य2025 की तीसरी तिमाही में 63,000 से अधिक भारतीय श्रमिकों ने रूस में प्रवेश किया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत और रूस के बीच बढ़ते श्रम गतिशीलता (labor mobility) के भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश और प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों के संरक्षण पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • लेबर मार्केट डायनेमिक्स: रूसी घरेलू श्रम की कमी को दूर करने के लिए भारतीय ह्यूमन कैपिटल का उपयोग
  • प्रवासी कल्याण: द्विपक्षीय समझौतों के तहत भारतीय श्रमिकों के लिए वेतन सुरक्षा और कानूनी स्थिति सुनिश्चित करना
  • आर्थिक तालमेल: स्ट्रक्चर्ड लेबर मोबिलिटी और माइग्रेशन कोटा के जरिए भारत-रूस संबंधों को मजबूती देना

मुख्य शब्द: लेबर मोबिलिटी · डेमोग्राफिक डिविडेंड · द्विपक्षीय समझौता · मानव पूंजी · माइग्रेशन पॉलिसी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया ↗यह भी: GS3 · रोज़गार एवं समावेशी विकास

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।