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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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नोटबंदी का कैश कम करने पर कम असर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डेटा से खुलासा

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चर्चा में क्यों

RBI के आंकड़ों से पता चलता है कि विमुद्रीकरण (demonetisation) का चलन में नकदी को कम करने पर बहुत कम प्रभाव पड़ा, जबकि GDP के प्रतिशत के रूप में UPI ट्रांजैक्शन की वैल्यू में लगातार बढ़ोतरी हुई।

पृष्ठभूमि

RBI की रिपोर्ट दर्शाती है कि विमुद्रीकरण (demonetisation) के बाद नकली नोटों, विशेष रूप से ₹500 के नोटों की पहचान में वृद्धि हुई है। यह रिपोर्ट भारत के GDP के सापेक्ष यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface - UPI) पर होने वाले लेनदेन के मूल्य में निरंतर वार्षिक वृद्धि को भी रेखांकित करती है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यRBI के डेटा के अनुसार, चलन में नकदी (cash) को कम करने पर Demonetisation का बहुत कम प्रभाव पड़ा है।
  • तथ्यनकली नोटों, विशेष रूप से ₹500 के नोटों की पहचान (Detection) में वृद्धि हुई है।
  • तथ्यभारत के GDP के प्रतिशत के रूप में UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू में हर साल लगातार वृद्धि हुई।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में भौतिक मुद्रा से डिजिटल भुगतान प्रणालियों की ओर बढ़ते संक्रमण का विश्लेषण कीजिए और नकदी के प्रचलन पैटर्न को बदलने में विमुद्रीकरण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • मौनेटरी पॉलिसी में टकराव: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रोथ के बावजूद फिजिकल कैश सर्कुलेशन को रोकने में मुश्किल
  • सुरक्षा में चूक: नोटबंदी के उपायों के बावजूद नकली ₹500 के नोटों की बढ़ती पहचान
  • डिजिटल पहुंच: जीडीपी ग्रोथ को फिजिकल करेंसी पर निर्भरता से अलग करने में UPI की भूमिका

मुख्य शब्द: मुद्रीकरण · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · कैशलेस इकोनॉमी · नकली नोट · पेमेंट सिस्टम

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंयह भी: GS3 · IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।