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भाग I · स्था. 11.2025 
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नई चेक बुक के सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स पर RBI ने अफवाहों को नकारा

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने चेक ट्रंकेशन सिस्टम (Cheque Truncation System) के लिए नए चेक बुक सुरक्षा मानकों के लागू होने की तारीख को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को गलत साबित करने के लिए एक स्पष्टीकरण जारी किया है।

पृष्ठभूमि

RBI ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी, 2027 से नए चेक बुक सुरक्षा मानकों के शुरू होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। साथ ही, RBI ने कृषि ऋण के लिए कड़े दस्तावेज़ीकरण संबंधी आवश्यकताओं का प्रस्ताव देते हुए एक ड्राफ्ट दिशा-निर्देश (draft directions) दस्तावेज़ जारी किया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाRBI: भारत में Cheque Truncation System को रेगुलेट करने वाली सेंट्रल बैंक।
  • तथ्यकृषि ऋण (agricultural loans) पर RBI के ड्राफ्ट डायरेक्शंस पर 26 नवंबर तक सार्वजनिक कमेंट के लिए खुले थे।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की दक्षता बढ़ाने में चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) के महत्व और सूचना की अखंडता सुनिश्चित करने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सूचना की सत्यता: बैंकिंग सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के बारे में गलत जानकारी से लड़ना ताकि जनता का भरोसा बना रहे
  • क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट: बेहतर क्रेडिट असेसलमेंट के लिए कृषि ऋणों के डॉक्यूमेंटेशन को मजबूत करना

मुख्य शब्द: चेक ट्रंकेशन सिस्टम · मौनेटरी पॉलिसी · सूचना की सत्यता · कृषि ऋण · रेगुलेटरी ओवरसाइट

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।