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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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इंडियन नेवी के लिए 80,000 करोड़ के स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स को मंजूरी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· रक्षा तकनीक· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने भारतीय नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स (stealth guided-missile destroyers) विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट 18A को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

पृष्ठभूमि

इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹80,000 करोड़ है। इसका उद्देश्य उभरते समुद्री खतरों का मुकाबला करने के लिए वर्तमान फ्रंटलाइन जहाजों की तुलना में बड़े और अधिक तकनीकी रूप से उन्नत युद्धपोत तैयार करना है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यप्रोजेक्ट 18A: अगली पीढ़ी के स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स के लिए ₹80,000 करोड़ की अनुमानित लागत।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की समुद्री शक्ति के प्रक्षेपण (maritime power projection) को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुदृढ़ करने में स्वदेशी अगली पीढ़ी के स्टील्थ विध्वंसक (stealth destroyers) विकसित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: हाई-टेक स्टील्थ क्षमताओं के लिए विदेशी शिपबिल्डर्स पर निर्भरता कम करना
  • तकनीकी छलांग: असिमेट्रिक मैरीटाइम खतरों से निपटने के लिए एडवांस सेंसर और मिसाइल सिस्टम का एकीकरण
  • इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और हाई-एंड इंजीनियरिंग नौकरियों को बढ़ावा

मुख्य शब्द: समुद्री शक्ति का प्रदर्शन · रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशीकरण · रक्षा खरीद · इंडो-पैसिफिक सुरक्षा

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।