सिंहस्थ कुंभ मेला के लिए महाराष्ट्र में 35,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स
GS1इतिहास · समाज · भूगोल· कला, स्थापत्य एवं संस्कृति· प्रीलिम्स·
चर्चा में क्यों
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नासिक के कुशावर्त तीर्थ में सिंहस्थ कुंभ मेला के लिए ध्वज पूजन समारोह आयोजित किया। इस आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के समन्वय पर जोर दिया गया।
पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र सरकार लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ₹35,000 करोड़ की विकास परियोजनाएं लागू कर रही है। यह आयोजन नासिक-त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में परंपराओं के संगम पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानकुशावर्त तीर्थ महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर में स्थित है।
- तथ्यराज्य सरकार ने सिंहस्थ कुंभ मेला के विकास प्रोजेक्ट्स के लिए ₹35,000 करोड़ आवंटित किए।
- तथ्यसिम्हस्थ कुंभ मेला के लिए श्रद्धालुओं की अपेक्षित संख्या लगभग 12 करोड़ है।
- पदराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 31 अक्टूबर, 2026 को ध्वज पूजन समारोह आयोजित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सिंहासचक्र जैसे बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों किस प्रकार भारत में क्षेत्रीय बुनियादी ढाँचे के विकास और सामाजिक एकीकरण के उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर-रिचुअल सिनर्जी: आधुनिक अर्बन प्लानिंग और प्राचीन धार्मिक विरासत व पवित्रता के संरक्षण के बीच संतुलन
- सोशल कोहेशन: राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक समारोहों का मंच के रूप में उपयोग
- सस्टेनेबल टूरिज्म: पर्यावरण की सुरक्षा और स्थानीय किसानों के कल्याण के साथ तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को मैनेज करना
मुख्य शब्द: सांस्कृतिक विरासत · सामाजिक एकता · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · धार्मिक पर्यटन · सनातन संस्कृति
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।