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भाग I · स्था. 11.2025 
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त्योहारों पर बढ़े विमान के किराए, एविएशन सेक्टर को 280-300 बिलियन का नुकसान

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक· प्रीलिम्स·

विमानन क्षेत्र (Aviation sector) पर बाहरी झटकों और ईंधन की लागत का प्रभाव: एक GS3 अर्थव्यवस्था (Economy) केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन की उच्च लागत, कमजोर रुपये और मध्य पूर्व (Middle East) संघर्ष के कारण भारतीय विमानन उद्योग (aviation industry) को वित्त वर्ष 2026 (FY26) में 280-300 बिलियन रुपये का शुद्ध घाटा होने का अनुमान है।

पृष्ठभूमि

वायु परिवहन के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Services Production - ISP) ने लगातार चार महीनों तक इस क्षेत्र के उत्पादन में गिरावट दर्ज की है। जुलाई 2026 में इसमें 8.4% की गिरावट देखी गई। सितंबर 2026 में SpiceJet, Air India और IndiGo के घरेलू यात्री यातायात (Domestic passenger traffic) में साल-दर-साल (year-on-year) महत्वपूर्ण कमी आई।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यICRA के अनुसार, भारतीय एविएशन इंडस्ट्री ने FY26 में 280-300 बिलियन रुपये का नेट लॉस (net loss) दर्ज किया।
  • संस्थाDGCA (Directorate General of Civil Aviation) घरेलू यात्री यातायात (domestic passenger traffic) पर डेटा प्रदान करता है।
  • रिपोर्ट / सूचकांकIndex of Services Production (ISP) सेवाओं के क्षेत्र के आउटपुट को मापने के लिए भारत का पहला हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर (high-frequency indicator) है।
  • तथ्यसितंबर 2026 में SpiceJet का डोमेस्टिक पैसेंजर ट्रैफिक साल-दर-साल (year-on-year) 70% तक गिर गया।
  • तथ्यमुंबई-पटना की हवाई दूरी लगभग 1,470 किलोमीटर है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

कौन सा इंडेक्स (index) सर्विस सेक्टर के आउटपुट को मापने के लिए भारत का पहला हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर (high-frequency indicator) के रूप में कार्य करता है?

  1. (a)कुल नामांकन अनुपात
  2. (b)सेवाओं उत्पादन सूचकांक
  3. (c)उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
  4. (d)मानव विकास सूचकांक
उत्तर देखें

उत्तर: (b) सेवाओं उत्पादन सूचकांक — सर्विसेज प्रोडक्शन इंडेक्स (ISP) सेवाओं के क्षेत्र के आउटपुट को मापने के लिए भारत का पहला हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: बाहरी भू-राजनीतिक झटकों और वैश्विक वस्तु मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति भारतीय विमानन क्षेत्र की संरचनात्मक कमजोरियों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • एक्सटर्नल शॉक: मिडिल ईस्ट संघर्ष का एयरस्पेस उपलब्धता और फ्यूल प्राइस पर असर
  • करेंसी रिस्क: ग्लोबल फ्यूल प्राइसिंग के मुकाबले गिरते रुपये से एविएशन मार्जिन पर खतरा
  • डिमांड-सप्लाई मिसमैच: त्योहारों के सीजन में भारी डिमांड के बावजूद एयर ट्रांसपोर्ट का आउटपुट कम होना

मुख्य शब्द: एविएशन इंडस्ट्री · सेवाओं उत्पादन सूचकांक · राजकोषीय घाटा · भू-राजनीतिक प्रभाव · ईंधन की लागत · पैसेंजर ट्रैफिक

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।