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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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पश्चिम बंगाल में सिक्योरिटी मार्केट इन्वेस्टर्स की संख्या 12 लाख से बढ़कर 90 लाख पार

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· पूंजी बाज़ार एवं SEBI· प्रीलिम्स·

पूंजी बाजार का लोकतंत्रीकरण और रिटेल भागीदारी: GS3 आर्थिक विकास के लिए एक प्रासंगिक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

SEBI के चेयरमैन ने भारतीय पूंजी बाजार (Capital Market) के विस्तार और पश्चिम बंगाल में प्रतिभूति बाजार (Securities Market) के निवेशकों की महत्वपूर्ण वृद्धि पर प्रकाश डाला।

पृष्ठभूमि

भारत में कंपनियाँ इक्विटी और डेट (debt) के माध्यम से सालाना 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाती हैं। पश्चिम बंगाल में, प्रतिभूति बाजार (securities market) के निवेशकों की संख्या 2015 में 12 लाख से बढ़कर 2026 तक 90 लाख से अधिक हो गई है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यपश्चिम बंगाल में सिक्योरिटी मार्केट (Securities Market) निवेशकों की संख्या 2015 में 12 लाख से बढ़कर 2026 में 90 लाख से अधिक हो गई।
  • तथ्यभारतीय कंपनियाँ इक्विटी और डेट के माध्यम से सालाना 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाती हैं।
  • संस्थाSEBI (Securities and Exchange Board of India) वह रेगुलेटर है जो IPO प्रक्रियाओं और मर्चेंट बैंकिंग आवश्यकताओं को सुव्यवस्थित करने के लिए जिम्मेदार है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारतीय कैपिटल मार्केट (Capital Market) और सिक्योरिटीज इन्वेस्टर्स (Securities Investors) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. वर्ष 2020 तक पश्चिम बंगाल में सिक्योरिटीज मार्केट इन्वेस्टर्स की संख्या बढ़कर 90 लाख से अधिक हो गई।
  2. 2015 में पश्चिम बंगाल में सिक्योरिटीज मार्केट (Securities Market) निवेशकों की संख्या 12 लाख थी।
  3. भारतीय कंपनियाँ इक्विटी और डेट के माध्यम से सालाना 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाती हैं।
  1. (a)केवल 3
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: नोट में उल्लेख है कि विकास 2026 तक का था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: पूंजी बाजार की दक्षता बढ़ाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा किए गए उपायों और भारतीय अर्थव्यवस्था में खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी स्ट्रीमलाइनिंग: मर्चेंट बैंकिंग नियमों में ढील का IPO एक्सेसिबिलिटी पर असर
  • मार्केट का लोकतंत्रीकरण: क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं में संस्थागत से रिटेल-आधारित निवेश पैटर्न की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट · इक्विटी और डेट · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · बाज़ार का लोकतंत्रीकरण · IPO प्रोसेस

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।