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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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जियो प्लेटफॉर्म्स की NSE पर लिस्टिंग, 21.36% के उछाल के साथ देश की सबसे बड़ी ऑफरिंग

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· पूंजी बाज़ार एवं SEBI· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भारत की सबसे बड़ी पब्लिक ऑफरिंग के रूप में लिस्ट किया गया है, जिससे रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर सबसे बड़ा भारतीय समूह बन गया है।

पृष्ठभूमि

जियो प्लेटफॉर्म्स NSE पर लिस्ट होने वाली 3,138वीं कंपनी बन गई। इस लिस्टिंग से शेयर की कीमत में 21.36% की वृद्धि हुई, जिससे रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप भारत का सबसे मूल्यवान समूह (Conglomerate) बन गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यJio Platforms NSE पर लिस्ट होने वाली 3,138वीं कंपनी बन गई।
  • तथ्यJio Platforms की लिस्टिंग में 21.36% की कीमत में उछाल (price pop) देखा गया।
  • स्थानलिस्टिंग इवेंट मुंबई में हुआ।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बड़े समूहों द्वारा किए जाने वाले बड़े पैमाने के आरंभिक सार्वजनिक प्रस्तावों (IPOs) का पूंजी बाजार की तरलता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • मार्केट कंसंट्रेशन: रिटेल इन्वेस्टर भागीदारी और इक्विटी डिस्ट्रीब्यूशन पर बड़े कॉनग्लोमरेट लिस्टिंग का असर
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: हाई-वैल्यूएशन टेक-कॉन्ग्लोमरेट लिस्टिंग में पारदर्शिता और अल्पसंख्यक शेयरधारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट · मार्केट कैपिटलाइजेशन · पब्लिक ऑफरिंग · कॉरपोरेट गवर्नेंस · लिक्विडिटी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।