UN में भारत की चेतावनी, बिना वीटो पावर के रिफॉर्म्स से 'सेकंड-क्लास' स्टेटस मिलेगा
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UNSC में सुधार और वीटो पावर (Veto Power) की गतिशीलता: GS2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) का एक महत्वपूर्ण विषय।
चर्चा में क्यों
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, एंबेसडर हरीश परवथनेनी ने चेतावनी दी है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में बिना वीटो पावर (Veto Power) वाले स्थायी सदस्यों का निर्माण 'सेकंड-क्लास' स्थिति पैदा करेगा।
पृष्ठभूमि
राजदूत हरीश परवथनेनी ने 26 अक्टूबर, 2026 को इंटर-गवर्नमेंटल (IGN) प्लेनरी को संबोधित किया। उन्होंने 2028-29 के लिए भारत के लिए विस्तारित सदस्यता और एक गैर-स्थायी सीट सहित व्यापक सुधारों की मांग की।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पदहरीश पर्वथनेनी: UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि।
- तथ्य2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में गैर-स्थायी सीट के लिए भारत की मांग।
- संस्थाIGN: इंटर-गवर्नमेंटल प्लनरी बॉडी (Inter-Governmental plenary body)।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में सुधार के लिए भारत की मांगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत ने 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में एक गैर-स्थायी सीट की मांग की है।
- इन मांगों को एक इंटर-गवर्नमेंटल (Inter-Governmental) प्लनरी के दौरान संबोधित किया गया।
- भारत ने चेतावनी दी कि बिना वीटो पावर (veto powers) के स्थायी सदस्यों (permanent members) को बनाने वाले सुधार 'फर्स्ट-क्लास' स्टेटस (first-class status) पैदा करेंगे।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: नोट में कहा गया है कि यह 'सेकंड-क्लास' (second-class) स्टेटस पैदा करेगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधारों में आने वाली बाधाओं और वैश्विक भू-राजनीतिक संतुलन बनाए रखने में वीटो शक्ति के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संस्थागत जड़ता: P5 देशों द्वारा विशेष वीटो अधिकारों को कम करने का संरचनात्मक विरोध
- प्रतिनिधित्व का अंतर: वर्तमान UNSC संरचना और समकालीन वैश्विक शक्ति वितरण के बीच असमानता
मुख्य शब्द: बहुपक्षवाद · वीटो पावर · भू-राजनीतिक इक्विटी · संस्थागत सुधार · संप्रभु समानता
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।