कैपिटल मार्केट को मजबूत करने के लिए सेबी ने बनाई नई योजना
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कैपिटल मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर और लिक्विडिटी के उपाय: GS3 इकोनॉमी (Economy) से संबंधित एक महत्वपूर्ण विषय।
चर्चा में क्यों
SEBI अधिकारी पांडे ने समानांतर क्लियरिंग लागत (parallel clearing costs) को संबोधित करने और एक संशोधित क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (closing auction session) लागू करने के माध्यम से पूंजी बाजारों को गहरा करने की योजनाओं की घोषणा की।
पृष्ठभूमि
SEBI स्टॉकब्रोकर्स के लिए श्रेणीबद्ध अनुपालन (graded compliance) की संभावना तलाश रहा है और डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट नियमों में संशोधन कर रहा है। नियामक का लक्ष्य लगभग 61 लाख करोड़ रुपये मूल्य के कॉर्पोरेट बॉन्ड में सेकेंडरी ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए एक मार्केट मेकिंग फ्रेमवर्क विकसित करना है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाSEBI: भारत में सिक्योरिटीज और कैपिटल मार्केट्स का प्राथमिक रेगुलेटर।
- तथ्यभारत में कॉर्पोरेट बॉन्ड्स (Corporate bonds) की वैल्यू लगभग 61 लाख करोड़ है।
- विज्ञान-तकनीकSEBI कस्टोडियल क्लाइंट्स के लिए ऑटोमेटेड गिव-अप फैसिलिटीज (automated give-up facilities) को बढ़ाने की योजना बना रहा है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
Capital Markets को गहरा करने (deepen) के लिए SEBI की योजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- SEBI रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए केवल ऑटोमेटेड गिव-अप फैसिलिटी (automated give-up facilities) को बढ़ाने की योजना बना रहा है।
- भारत में कॉर्पोरेट बॉन्ड्स (Corporate Bonds) का मूल्य लगभग 61 लाख करोड़ है।
- SEBI कॉर्पोरेट बॉन्ड में सेकेंडरी ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए एक मार्केट मेकिंग फ्रेमवर्क (market making framework) विकसित करने की योजना बना रहा है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 3
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: SEBI ऑटोमेटेड गिव-अप फैसिलिटीज (automated give-up facilities) को कस्टोडियल क्लाइंट्स तक बढ़ाने की योजना बना रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय पूंजी बाजारों को गहरा करने और कॉर्पोरेट बॉन्ड खंड में तरलता बढ़ाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा प्रस्तावित उपायों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- लिक्विडिटी बॉटलनेक: हाई-फ़्रीक्वेंसी ट्रेडिंग में रुकावट कम करने के लिए पैरेलल क्लियरिंग लागत को संबोधित करना
- मार्केट डेप्थ: कॉर्पोरेट बॉन्ड में सेकेंडरी ट्रेडिंग को आसान बनाने के लिए मार्केट मेकिंग फ्रेमवर्क विकसित करना
- रेगुलेटरी ट्रांजिशन: नए नियमों को आसानी से अपनाने के लिए स्टॉकब्रोकर्स के लिए ग्रेडेड कंप्लायंस लागू करना
मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट डेप्थ · सेकेंडरी ट्रेडिंग · मार्केट मेकिंग फ्रेमवर्क · क्लियरिंग कॉस्ट · रेगुलेटरी कंप्लायंस
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।