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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ला नीना और पोलर वोर्टेक्स (Polar Vortex) के शुरुआती प्रभाव के कारण मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में सामान्य से अधिक कोल्ड वेव (Cold Wave) की भविष्यवाणी की है

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चर्चा में क्यों

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ला नीना और पोलर वोर्टेक्स (Polar Vortex) के शुरुआती प्रभाव के कारण मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में सामान्य से अधिक कोल्ड वेव (Cold Wave) की भविष्यवाणी की है।

पृष्ठभूमि

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों को छोड़कर भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। यह पूर्वानुमान पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) की कम संख्या, ला नीना (La Niña) वर्ष और शुरुआती पोलर वोर्टेक्स (Polar Vortex) प्रभाव के कारण है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यIMD ने विशेष रूप से मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में सामान्य से अधिक कोल्ड वेव (cold wave) की घटनाओं की भविष्यवाणी की है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: ला नीना और पोलर वोर्टेक्स जैसी वैश्विक जलवायु संबंधी घटनाओं का भारत के शीतकालीन मौसम के पैटर्न और कृषि उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • मौसम की अनिश्चितता: उत्तरी इलाकों में फसलों के चक्र को प्रभावित करने वाली भीषण लहरों की बढ़ती आवृत्ति
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमज़ोरी: हीटिंग डिमांड और पावर ग्रिड की स्थिरता पर अर्ली पोलर वोर्टेक्स का असर

मुख्य शब्द: मौसम संबंधी घटनाएँ · जलवायु परिवर्तनशीलता · ला नीना · पोलर वोर्टेक्स · पश्चिमी विक्षोभ

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।