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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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UN में भारत ने कहा- सेकंड वर्ल्ड वॉर की अथॉरिटी से आज की कमी नहीं पूरी होगी

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UNSC में सुधार और वैधता: बहुपक्षवाद (Multilateralism) से संबंधित GS2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध का एक महत्वपूर्ण विषय।

चर्चा में क्यों

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, हरीश परवथनेनी ने तर्क दिया कि द्वितीय विश्व युद्ध (WWII) से प्राप्त संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) का अधिकार, इसकी वर्तमान वैधता की कमी की भरपाई नहीं कर सकता।

पृष्ठभूमि

भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश परवथनेनी ने 22 अक्टूबर, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि द्वितीय विश्व युद्ध (WWII) में 25 लाख भारतीयों ने सेवा की थी, जिसमें 90,000 लोगों की मृत्यु हुई और बंगाल के अकाल (Bengal famine) में 40 लाख से अधिक लोग मारे गए।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदहरीश पर्वथनेनी: UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि।
  • तथ्यद्वितीय विश्व युद्ध (WWII) में 2.5 मिलियन भारतीयों ने सेवा की।
  • तथ्यद्वितीय विश्व युद्ध (WWII) में 90,000 भारतीयों की मृत्यु हुई।
  • तथ्यबंगाल के अम (famine) में 4 मिलियन से अधिक लोगों की मौत हुई।
  • संस्थासंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद: संयुक्त राष्ट्र का मुख्य अंग।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) और बंगाल के अ (Bengal famine) में भारत की भागीदारी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लगभग 2.5 मिलियन भारतीयों ने सेवा दी।
  2. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ठीक 100,000 भारतीयों की मृत्यु हुई।
  3. बंगाल के अ famine (बंगाल अकाल) में 4 मिलियन से अधिक लोग मारे गए थे।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: नोट में उल्लेख है कि WWII में 90,000 भारतीयों की मृत्यु हुई थी।

मेन्स के लिए

प्रश्न: समकालीन भू-राजनीतिक चुनौतियों के समाधान और न्यायसंगत वैश्विक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करनेके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संस्थागत जड़ता: आधुनिक बहुध्रुवीय संघर्षों को हल करने में 1945 की पावर स्ट्रक्चर्स पर निर्भरता विफल
  • वैधता का अंतर: ऐतिहासिक जीत पर आधारित अधिकार और वर्तमान प्रतिनिधि आवश्यकताओं के बीच अलगाव

मुख्य शब्द: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार · वैधता की कमी · समान प्रतिनिधित्व · भू-राजनीतिक चुनौतियां · बहुपक्षवाद

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।