नई दिल्ली में आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस, राजनाथ सिंह ने लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन जारी की
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· सीमा प्रबंधन· प्रीलिम्स + मेन्स·
आधुनिक युद्ध के लिए रणनीतिक ढांचा: GS3 आंतरिक सुरक्षा और रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन।
चर्चा में क्यों
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में 'लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन' (Land Warfare Doctrine) जारी किया। इसका उद्देश्य भविष्य के संघर्षों के लिए एक रूपरेखा प्रदान करना है।
पृष्ठभूमि
आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (Army Commanders’ Conference) भारतीय सेना का सर्वोच्च स्तर का अर्धवार्षिक मंच है, जो 21 से 23 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन (Land Warfare Doctrine) और वार्षिक संयुक्त राष्ट्र जर्नल (United Nations Journal) जारी किए जाएंगे।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाआर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (Army Commanders’ Conference): भारतीय सेना का सर्वोच्च स्तर का अर्धवार्षिक मंच।
- तथ्यLand Warfare Doctrine सेना को युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए तैयार करने हेतु एक व्यापक रूपरेखा (overarching framework) प्रदान करता है।
- पदइस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (COAS) द्वारा की जाती है।
- तथ्यकॉन्फ्रेंस के दौरान ग्रीन मिलिट्री स्टेशन्स और एविएशन फ्लाइट सेफ्टी के लिए अवॉर्ड्स प्रदान किए गए।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (Army Commanders’ Conference) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह भारतीय सेना का सर्वोच्च स्तर का द्विवार्षिक (biannual) मंच है।
- इस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता डिफेंस मिनिस्टर द्वारा की जाती है।
- इसमें लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन (Land Warfare Doctrine) और वार्षिक संयुक्त राष्ट्र जर्नल (United Nations Journal) को शामिल किया गया है।
- (a)केवल 1 और 2
- (b)केवल 1 और 3
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: इस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (COAS) द्वारा की जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते आधुनिक सुरक्षा खतरों के विरुद्ध भारतीय सेना की परिचालन तत्परता को आकार देने में एक औपचारिक थल युद्ध सिद्धांत (Land Warfare Doctrine) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- तकनीकी एकीकरण: एसिमेट्रिक खतरों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम और अनुकूलनशील बल की ओर बदलाव
- पर्यावरण स्थिरता: ऑपरेशनल जरूरतों और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए 'ग्रीन मिलिट्री स्टेशन्स' को संस्थागत बनाना
- डॉकट्रिन-आधारित आधुनिकीकरण: भविष्य के संघर्षों के लिए खरीद और ट्रेनिंग को एक एकीकृत फ्रेमवर्क के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: लैंड वॉरफ़ेयर डॉक्ट्रिन · ऑपरेशनल रेडीनेस · आधुनिकीकरण · तकनीकी एकीकरण · ग्रीन मिलिट्री स्टेशन्स · शीर्ष स्तर का फ़ोरम
आंतरिक सुरक्षा पर और नोट्स
- मणिपुर में खोइकाई कुकी गांव के घरों में आगजनी, उग्रवादियों पर शक · 21 अक्टूबर 2026
- पाकिस्तान के एजेंटों से सावधान, निजी रिश्तों के ज़रिए जानकारी निकालने की चेतावनी · 21 अक्टूबर 2026
- AI की मदद से 100 से ज़्यादा कंपनियों में सेंध, चीनी हैकर ने किया हमला · 20 अक्टूबर 2026
- पुलगाँव अग्निकांड के बाद सेना जनवरी 2026 तक FF Bot रोबोट्स इस्तेमाल करेगी · 20 अक्टूबर 2026
- मल्टी-डोमेन नेटवर्क फोर्स बनने के लिए नेवी मांगेगी AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी · 19 अक्टूबर 2026
- CRPF में फिर शुरू होंगे लान्स नायक और नायक रैंक, प्रमोशन की समस्या होगी दूर · 17 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।