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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने GSAT-7C सैटेलाइट और वरुणस्त्र के लिए 4,106 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)· प्रीलिम्स·

रक्षा खरीद और अंतरिक्ष तकनीक: आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी क्षमताओं पर एक GS3 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी रक्षा और अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने के लिए GSAT-7C सैटेलाइट और वरुणस्त्र टॉरपीडो के लिए ₹4,106 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।

पृष्ठभूमि

रक्षा मंत्रालय ने 15 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में दो बड़े अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों में भारतीय वायुसेना के लिए ₹2,563 करोड़ का GSAT-7C सैटेलाइट और भारतीय नौसेना के लिए ₹1,543 करोड़ के वरुणस्त्र टॉरपीडो शामिल हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यरक्षा मंत्रालय द्वारा हस्ताक्षरित अनुबंधों का कुल मूल्य लगभग ₹4,106 करोड़ है।
  • पदए. अनबरसु ने आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए समझौतों की देखरेख की।
  • विज्ञान-तकनीकन्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (New Space India Limited) ₹2,563 करोड़ के GSAT-7C सैटेलाइट का प्रदाता है।
  • विज्ञान-तकनीकभारत डायनेमिक्स लिमिटेड (Bharat Dynamics Limited) ₹1,543 करोड़ के वरुणास्त्र (Varunastra) टॉरपीडो का प्रदाता है।
  • तथ्यGSAT-7C सैटेलाइट को भारतीय वायुसेना के लिए निर्धारित किया गया है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारतीय वायुसेना के लिए GSAT-7C सैटेलाइट किस संस्था द्वारा प्रदान किया जाता है?

  1. (a)HAL
  2. (b)ISRO
  3. (c)न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड
  4. (d)DRDO
उत्तर देखें

उत्तर: (c) न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड — नोट में उल्लेख है कि New Space India Limited, ₹2,563 करोड़ के GSAT-7C सैटेलाइट का प्रदाता है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के स्वदेशी रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण सैटेलाइट और नेवल वेपन्स के लिए विदेशी OEMs पर निर्भरता कम करना
  • इंडस्ट्रियल सिनर्जी: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के लिए BDL और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · स्वदेशी क्षमताएं · रक्षा खरीद · स्पेस टेक्नोलॉजी · रणनीतिक स्वायत्तता

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।