सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

मलेशिया में बार-बार होने वाले हादसों के बाद भारतीय सेफ़ेयरर्स पर बैन

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· भारत के द्विपक्षीय संबंध· प्रीलिम्स·

समुद्री सुरक्षा और नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance): GS2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध और श्रम कल्याण का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

मलेशियाई जहाजों पर हुई सिलसिलेवार घातक दुर्घटनाओं के बाद, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (DGMA) ने इन विशिष्ट जहाजों के लिए भारतीय नाविकों की भर्ती पर रोक लगा दी है।

पृष्ठभूमि

मालेशिया मरीन डिपार्टमेंट (MMD) की सिफारिशों के बाद, DGMA ने मर्चेंट शिपिंग एक्ट, 2025 की धारा 301 का उपयोग किया है। अब RPSL एजेंसियों के लिए उन जहाजों के लिए प्रति नाविक ₹1 करोड़ का बीमा प्रदान करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिनमें P&I कवरेज नहीं है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाDGMA: Directorate General of Maritime Administration (समुद्री प्रशासन महानिदेशालय)।
  • अधिनियम / विधेयकमर्चेंट शिपिंग एक्ट (Merchant Shipping Act), 2025: भर्ती पर रोक के लिए सेक्शन (Section) 301 का उपयोग किया गया।
  • तथ्यबीमा की आवश्यकता: P&I कवरेज वाले जहाजों के लिए प्रति सेफ़ेयर (seafarer) ₹1 करोड़।
  • स्थानसरवाक क्षेत्र (Sarawak Region): मलेशिया का वह क्षेत्र जहाँ भर्ती पर प्रतिबंध लागू होता है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

DGMA के हालिया समुद्री सुरक्षा उपायों (maritime safety measures) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. DGMA ने भर्ती पर रोक लगाने के लिए Merchant Shipping Act, 2025 की Section 301 का उपयोग किया।
  2. RPSL एजेंसियों को P&I कवरेज वाले जहाजों के लिए प्रति सेफ़ेयर (seafarer) ₹50 लाख का इंश्योरेंस प्रदान करना होगा।
  3. भर्ती पर रोक विशेष रूप से सारावाक रीजन (Sarawak Region) में चलने वाले जहाजों पर लागू होती है।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: बीमा की आवश्यकता प्रति सेफरर (seafarer) ₹1 करोड़ है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और समुद्री सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: सारावाक क्षेत्र में थर्ड-पार्टी वेसल्स के लिए स्टैंडर्डाइज्ड सेफ्टी ऑडिट की कमी
  • लायबिलिटी फ्रेमवर्क: अपर्याप्त P&I कवरेज के कारण RPSL एजेंसियों के लिए वित्तीय जोखिम
  • द्विपक्षीय सहयोग: भारत और मलेशिया के बीच समुद्री सुरक्षा मानकों में तालमेल की ज़रूरत

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · रेगुलेटरी कंप्लायंस · नाविक कल्याण · द्विपक्षीय प्रोटोकॉल · जोखिम कम करना

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

अंतर्राष्ट्रीय संबंध पर और नोट्स

सभी अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।