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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का सैटेलाइट कम्युनिकेशन भेदभावपूर्ण नहीं, मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशंस ने किया साफ

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स्पेस टेक (Space Tech) में रेगुलेटरी ओवरसाइट और सुरक्षा मूल्यांकन: GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और शासन (Science & Technology and Governance) का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

संचार मंत्रालय ने एलन मस्क के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत का सैटेलाइट कम्युनिकेशन फ्रेमवर्क स्टारलिंक (Starlink) के खिलाफ भेदभावपूर्ण है।

पृष्ठभूमि

संचार मंत्रालय ने सूचित किया है कि गैर-भू-तुल्यकालिक कक्षाओं (non-geosynchronous orbits) पर आधारित तीन ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट सेवाओं को लाइसेंस प्राप्त हुए हैं। स्पेक्ट्रम आवंटन से पहले इन संस्थाओं का वर्तमान में सुरक्षा मूल्यांकन (security assessment) किया जा रहा है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकभारत में Global Mobile Personal Communication by Satellite सेवाओं को नॉन-जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट्स (non-geosynchronous orbits) के आधार पर लाइसेंस दिया जाता है।
  • तथ्यसैटेलाइट कम्युनिकेशन स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए वर्तमान में तीन संस्थाओं का सुरक्षा मूल्यांकन (security assessment) किया जा रहा है।
  • पदसंचार मंत्रालय भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन फ्रेमवर्क के लिए नोडल बॉडी है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत में सैटेलाइट द्वारा ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन (Global Mobile Personal Communication by Satellite) के लिए किस विशिष्ट प्रकार के ऑर्बिट्स (orbits) का उपयोग किया जाता है?

  1. (a)लो अर्थ ऑर्बिट्स
  2. (b)नॉन-जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट्स
  3. (c)जियोस्टेशनरी ऑर्बिट्स
  4. (d)मीडियम अर्थ ऑर्बिट्स
उत्तर देखें

उत्तर: (b) नॉन-जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट्स — नोट में उल्लेख किया गया है कि तीन Global Mobile Personal Communication by Satellite सेवाओं को नॉन-जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट्स (non-geosynchronous orbits) के आधार पर लाइसेंस प्राप्त हुए।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के राष्ट्रीय दूरसंचार ढांचे में वैश्विक उपग्रह संचार सेवाओं को एकीकृत करने में निहित सुरक्षा और विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।