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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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100 kmph की रफ्तार से वंदे भारत एक्सप्रेस ने पार किया चेनाब ब्रिज

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

रेलवे मंत्रालय ने श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस की गति बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा करने की मंजूरी दी है, जो USBRL प्रोजेक्ट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पृष्ठभूमि

वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 26401/26404) ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज, चिनाब ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टेयड रेलवे ब्रिज, अंजी खड़ रेलवे ब्रिज को पार किया। 111 किलोमीटर लंबे श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन पर ट्रेन की गति को 75 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यचेनाब ब्रिज: इसे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज के रूप में मान्यता दी गई है।
  • तथ्यअंजी खाद रेलवे ब्रिज: भारत का पहला केबल-स्टेयड (cable-stayed) रेलवे ब्रिज।
  • तथ्यस्पीड में वृद्धि: श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन की स्पीड को 75 kmph से बढ़ाकर 100 kmph कर दिया गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: जम्मू-कश्मीर में यूएसबीआरएल (USBRL) परियोजना जैसी उच्च-ऊंचाई वाली रेलवे बुनियादी संरचना का विकास क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण में किस प्रकार योगदान देता है, चर्चा कीजिए।

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।