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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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पर्सनल लोन का बकाया 72.9 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Monetary policy, RBI & banking· Prelims·

क्रेडिट विस्तार और बदलता क्रेडिट पैटर्न: एक GS3 और बैंकिंग सेक्टर स्थिरता का केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों से पता चला है कि व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) की बकाया राशि में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जो अब 72.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में बदल रहे क्रेडिट पैटर्न (Credit Patterns) को दर्शाता है।

पृष्ठभूमि

व्यक्तिगत ऋण (Personal loan) की बकाया राशि 72.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। आवास ऋण (Housing loans) में 11.1% की वृद्धि के साथ यह 35.6 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्वर्ण ऋण (Gold loans) में 83.2% की भारी वृद्धि देखी गई और यह 5.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सेवा क्षेत्र (Services sector) को दिए गए ऋण में सभी क्षेत्रों की तुलना में सर्वाधिक 24.3% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 63 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यपर्सनल लोन आउटस्टैंडिंग: Rs 72.9 लाख करोड़।
  • तथ्यहाउसिंग लोन की ग्रोथ: 11.1% बढ़कर Rs 35.6 लाख करोड़।
  • तथ्यगोल्ड लोन में वृद्धि: 83.2% से बढ़कर Rs 5.6 लाख करोड़।
  • तथ्यसेवा क्षेत्र को दिया गया क्रेडिट: ₹63 लाख करोड़ (24.3% की वृद्धि)।
  • तथ्यइंडस्ट्री को क्रेडिट: ₹45.8 लाख करोड़ (18.2% ग्रोथ)।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत में लोन आउटस्टैंडिंग्स (loan outstandings) के नवीनतम आंकड़ों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. सर्विसेज सेक्टर (Services Sector) को मिलने वाला क्रेडिट 18.2% बढ़कर 63 लाख करोड़ रुपये हो गया।
  2. पर्सनल लोन आउटस्टैंडिंग (Personal loan outstanding) अब तक 72.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
  3. गोल्ड लोन में 83.2% की वृद्धि देखी गई, जो 5.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: सर्विसेज सेक्टर (Services sector) के लिए ग्रोथ 24.3% थी।

मेन्स के लिए

Q. भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता और घरेलू ऋण-आय अनुपात पर बढ़ते व्यक्तिगत और स्वर्ण ऋण बकाया के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Asset quality risk: Potential for rising Non-Performing Assets (NPAs) in unsecured personal and gold loan segments
  • Sectoral credit imbalance: Rapid credit expansion in services vs. slower growth in agriculture and industry
  • Monetary transmission: Impact of high household debt on domestic consumption and interest rate sensitivity

कीवर्ड: Credit expansion · Non-Performing Assets · Debt-to-income ratio · Monetary policy · Asset quality · Sectoral credit

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Economic Times ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।